स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर वित्तीय संकट का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। तेजस्वी ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण राज्य की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि नियमित पेंशन भुगतान के लिए भी आकस्मिकता निधि का सहारा लेना पड़ रहा है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया और विधानसभा में सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि बिहार कैबिनेट ने मई, जून और जुलाई 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से 3,662 करोड़ रुपये निकालने की मंजूरी दी है।
आकस्मिकता निधि का दुरुपयोग?
तेजस्वी ने कहा कि आकस्मिकता निधि का इस्तेमाल आमतौर पर प्राकृतिक आपदा, अप्रत्याशित संकट या गंभीर वित्तीय विपत्ति के समय होता है। लेकिन जब पेंशन जैसी नियमित मद के लिए इसका उपयोग होने लगा है तो समझना चाहिए कि हालात कितने गंभीर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 4-5 महीनों से कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के भुगतान अटके हुए हैं। एक साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद ठेकेदारों को भुगतान नहीं किया गया है।
विकास कार्य ठप, योजनाएं बंद
तेजस्वी यादव ने कहा कि नई परियोजनाओं की बात तो दूर, 2023-24 में स्वीकृत योजनाओं पर भी अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। बिजली कटौती बढ़ गई है, छात्रवृत्ति नहीं दी जा रही और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पूरी तरह ठप हो गई है। फंड की कमी के चलते कैबिनेट ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना को भी बंद कर दिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि दशकों से डबल इंजन वाली सरकार होने के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनी? उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जवाब मांगा कि नियमित बजटीय प्रावधानों के बजाय आकस्मिकता निधि से इतनी बड़ी राशि क्यों निकालनी पड़ी।
तेजस्वी ने कहा कि सरकार को गैर-जरूरी मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय बिहार की दयनीय वित्तीय स्थिति पर जनता के सामने सच्चाई रखनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे चिंतित बिहारवासियों को संबोधित करें।
सरकार पर सीधा सवाल
तेजस्वी यादव ने पूछा, “क्या बिहार दिवालिया होने की कगार पर है?” उन्होंने सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों और जनविरोधी फैसलों को राज्य की बदहाली का कारण बताया। यह हमला ऐसे समय में आया है जब बिहार सरकार विकास और कल्याणकारी योजनाओं का दावा कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि वास्तविकता इससे उलट है और जनता को इसका खामियजा भुगतना पड़ रहा है।







