बिहार में शराबबंदी पर सख्त कार्रवाई, तीन महीने में 19 लाख लीटर शराब जब्त; 47 हजार गिरफ्तार
स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
पटना। राज्य में लागू शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इस साल की पहली तिमाही में व्यापक अभियान चलाया, जिसके तहत भारी मात्रा में शराब बरामद की गई और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबार पर कड़ा प्रहार हुआ है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी से 31 मार्च के बीच राज्यभर में कुल 3 लाख 54 हजार 396 छापेमारी की गई। इन छापों के दौरान 42 हजार 323 मामले दर्ज किए गए, जबकि उत्पाद अधिनियम के तहत कुल 47,306 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इस अवधि में कुल 19 लाख 69 हजार 795 लीटर शराब जब्त की गई, जिसमें 16 लाख 34 हजार 520 लीटर देसी शराब, 4,793 लीटर स्पिरिट और 3 लाख 30 हजार 482 लीटर विदेशी शराब शामिल है। यह आंकड़े राज्य में अवैध शराब के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।
अभियान के दौरान शराब तस्करी में प्रयुक्त 2,716 वाहनों को भी जब्त किया गया। इनमें 2,016 दोपहिया वाहन, 198 तीनपहिया, 432 चारपहिया और 70 ट्रक शामिल हैं, जो तस्करी के संगठित तरीके को दर्शाते हैं।
इस बीच, तस्करों द्वारा शराब छिपाने के अजीबो-गरीब तरीके भी सामने आए हैं। सारण जिले में हाल ही में ऐसे दो मामले उजागर हुए, जिनमें तस्करों ने रचनात्मक तरीके अपनाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की।
पहले मामले में तस्कर बड़े तरबूजों को अंदर से खाली कर उनमें शराब छिपाकर ट्रेन के जरिए ले जा रहे थे। जांच के दौरान इस अनोखे तरीके का खुलासा हुआ, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
दूसरे मामले में लेदर की फाइलों के भीतर शराब के टेट्रा पैक छिपाकर तस्करी की जा रही थी। एक फाइल से 250 एमएल के दस टेट्रा पैक बरामद किए गए और इस दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार भी किया गया। विभाग का कहना है कि आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा।







