बीबीए, बीसीए, मास, एमबीए सहित अन्य कोर्स ममता इंस्टीट्यूट में होगा नामांकन सह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क
लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
प्रतिनिधि,दरौदा. ममता इंस्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन ने ग्रामीण युवा-युवतियों को रोजगारोन्मुखी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर इस जिला एवं क्षेत्र के युवा-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से निःशुल्क नामांकन एवं प्रशिक्षण की योजना का शुभारंभ किया है.
योजना का शुभारंभ करते हुए चेयरमैन डॉ. कौशल कुमार गिरि ने जिला के विकास में अपने संस्था का योगदान एवं प्रयास के बारे में विस्तृत चर्चा किया. विदित हो कि ममता इंस्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन अम्बेदकर ग्रुप के द्वारा राज्य के विभिन्न जिलो में मैनेजमेंट कॉलेज, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पारामेडिकल कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज इत्यादि विभिन्न संस्थानों का संचालन विगत 25 वर्षों से किया जा रहा है. जिसका प्रधान कार्यालय गोला रोड मोड़, बेली रोड, दानापुर, पटना में स्थित है. यहाँ से प्रतिवर्ष युवा-युवतियों के शैक्षणिक विकास एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण हेतु योजनाओं का संचालन किया जाता है, जिसके अन्तर्गत सारण कमिश्नरी के युवा-युवतियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार दिलाने की योजना का शुभारंभ किया है. इस योजना में बी.बी.ए., बी.एसी.ए., जर्नलिज्म एण्ड मास कॉम के अंतर्गत बैचलर डिग्री तथा एम.बी.ए., पी.जी.डी.एम. के अंतर्गत मास्टर स्तरीय उच्चत्तर डिग्री के साथ पॉलिटेक्निक के अन्तर्गत सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की व्यवस्था चिंतामानपुर दरौंदा सीवान में की है, जिसकी मान्यता ए.आई.सी.टी.ई. नई दिल्ली से तथा आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना से संबद्धता प्राप्त है. संस्था की यह एक सराहनीय पहल है की सभी पाठ्क्रमों में विद्यार्थियों का नामांकन प्रशिक्षण पूर्णतः रोजगारोन्मुखी होगा. विद्यार्थियों को नामांकन हेतु मात्र 1075 रूपये संस्थान में जमा करने होंगे.
उसके उपरांत सत्र के अनुसार उनको प्रशिक्षण की व्यवस्था राज्य के विख्यात एवं अनुभवी शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा. विदित हो कि संस्थान में लाईब्रेरी एवं कम्प्यूटर लैब के साथ ही विद्यार्थियों को प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की आवासीय सुविधा संस्थान द्वारा निःशुल्क प्रदान की जा रही है. विद्यार्थियो को यह पूरी योजना बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत दी जा रही है. जहाँ उन्हें प्रशिक्षण के साथ ही अपने स्वयं के खर्च के लिए भत्ता भी उपलब्ध कराई जाएगी साथ ही पहली बार सीवान जैसे सुदूर क्षेत्र में पाठ्यक्रम समाप्त होने के उपरान्त प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा. जो विद्यार्थी प्रशिक्षण एवं शिक्षण के साथ ही लैपटॉप चाहते हैं उसके लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. संस्थान परिसर में प्रत्येक छात्राओं को रहने की सुविधा दी जाएगी तथा साथ ही छात्रों के लिए भी हॉस्टल उपलब्ध कराया जाएगा. परिसर से बाहर रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए दरौंदा जंक्शन से निःशुल्क यातायात की सुविधा दी जाएगी.







