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बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ ने की एमआरपी कार्यान्वयन की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा

स्टेट डेस्क, अभिलाष गुप्ता।

‘समृद्ध मधेश’ पुस्तक का विमोचन।

रक्सौल / बीरगंज: अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से संबंधित विषय पर केंद्रित एक विस्तृत चर्चा तथा ‘समृद्ध मधेश’ नामक पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम शुक्रवार को वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के सभागार में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम संघ के अध्यक्ष हरि गौतम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ मधेश प्रदेश के निवर्तमान अध्यक्ष अशोक टेमानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष माधव राजपाल, निवर्तमान अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल सहित अन्य की उपस्थिति रही।चर्चा कार्यक्रम में पर्सा जिले के विभिन्न कारोबार से जुड़े आयातकर्ताओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। सहभागी व्यवसायियों ने नेपाल सरकार द्वारा हाल ही में जारी MRP संबंधी सूचना को 15 दिनों के भीतर लागू करना व्यवहारिक रूप से कठिन बताया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अशोक टेमानी ने कहा कि MRP का कार्यान्वयन उपभोक्ता हित में सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त तैयारी, व्यवसायियों के साथ समन्वय तथा व्यवहारिक समयसीमा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार को नीति बनाते समय बाजार की वास्तविक स्थिति और व्यवसायियों की तैयारियों को ध्यान में रखना चाहिए, अन्यथा अच्छी नीतियाँ भी क्रियान्वयन में कठिनाई पैदा कर सकती हैं।

वहीं, संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष माधव राजपाल ने कहा कि कम समयसीमा में MRP लागू करने से व्यवसायियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सरकार और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।इस अवसर पर नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ–मधेश प्रदेश के निवर्तमान अध्यक्ष अशोक कुमार टेमानी द्वारा लिखित ‘समृद्ध मधेश’ पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक में मधेश प्रदेश के समग्र विकास, निवेश की संभावनाओं और नीतिगत मार्गचित्र का विस्तृत वर्णन किया गया है। इससे पहले इस पुस्तक का जनकपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा भी विमोचन किया जा चुका है। कार्यक्रम के सहभागीगण ने MRP नीति को प्रभावी और सहज रूप से लागू करने के लिए सभी सरोकारवाला पक्षों के बीच सहयोग और समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन संघ के प्रशासकीय अधिकृत मनोज उपाध्याय ने किया।