बीरगंज मेन रोड विस्तार: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कार्रवाई, ‘कानून के शासन’ पर जोर
स्टेट डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
वीरगंज: लंबे समय से विवाद में रहा वीरगंज का मेन रोड विस्तार कार्य अब आखिरकार लागू होने के चरण में पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सड़क डिवीजन कार्यालय ने डोजर चलाकर सड़क अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया है।
अधिवक्ता चन्द्रिका प्रसाद पटेल ने इस पूरी प्रक्रिया को “न तो हुकूमी शैली, न गुंडागर्दी, न ही राज्य आतंक—बल्कि केवल सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कार्यान्वयन” बताते हुए इसे कानून के शासन का उदाहरण बताया है।
उनके अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था में न सरकार और न ही जनता—कोई भी कानून से ऊपर नहीं होता, बल्कि सर्वोपरि केवल विधि और विधि का शासन होता है।
25/25 मीटर सड़क सीमा पुराना निर्णय
वीरगंज मेन रोड के दोनों ओर 25/25 मीटर सड़क सीमा निर्धारित करने का निर्णय नया नहीं है। यह तत्कालीन श्री 5 की सरकार द्वारा वर्ष 2034 (विक्रम संवत) में राजपत्र के माध्यम से तय किया गया था। इसी आधार पर वर्ष 2076 में भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मंत्रालय के अंतर्गत सड़क विभाग ने वीरगंज–पथलैया सड़क खंड में बने संरचनाओं को हटाने के लिए सूचना जारी की थी।
मुआवजा मांग पर याचिका खारिज
इस सूचना के बाद प्रभावित व्यवसायियों और व्यक्तियों ने मुआवजा और क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 28 फागुन 2081 को याचिका खारिज करते हुए मुआवजा देने की मांग को अस्वीकार कर दिया।
फैसले के बाद कार्रवाई शुरू
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सड़क डिवीजन कार्यालय, हेटौंडा ने 6 वैशाख 2083 से वीरगंज में अतिक्रमित संरचनाओं को हटाने का अभियान शुरू किया है। इसके साथ ही लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क विस्तार योजना अब कार्यान्वयन में आ गई है।
“विकास के लिए जरूरी कदम”
अधिवक्ता पटेल के अनुसार यह कार्य किसी एक स्थानीय या वर्तमान सरकार का नहीं, बल्कि वर्ष 2076 में शुरू की गई प्रक्रिया का परिणाम है, जो अब लागू हो रही है। उन्होंने कहा कि वीरगंज की सूरत बदलने, शहर को व्यवस्थित और सुंदर बनाने के लिए यह कदम आवश्यक था।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित दुकानदारों और व्यापारियों को 2–4 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाता तो बेहतर होता।
राज्य की भूमिका पर उम्मीद
पटेल ने कहा कि भले ही देर से सही, लेकिन अब यह काम शुरू होना सकारात्मक है। उन्होंने राज्य से अपेक्षा जताई कि वह अपनी अभिभावकीय भूमिका निभाते हुए विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाए।अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कदम से वीरगंज के समग्र विकास में मदद मिलेगी और “जय देश, जय वीरगंज” का संदेश दिया।







