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बेल के बाद भी जेल में रहेंगे पप्पू यादव

स्टेट डेस्क, वेरॉनिका राय |

पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने गर्दनीबाग जमीन विवाद मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई है, लेकिन इसके बावजूद फिलहाल उनकी जेल से रिहाई नहीं हो पाएगी। दरअसल, गिरफ्तारी के दिन उनके खिलाफ एक अन्य मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें उन्हें अभी जमानत नहीं मिली है। ऐसे में पप्पू यादव को बेऊर जेल में ही रहना होगा।

सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने जमीन विवाद से जुड़े मामले में बेल टूटने के कारण की गई थी। इस मामले में सांसद-विधायक (एमपी/एमएलए) कोर्ट ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 467, यानी दस्तावेजों की जालसाजी से संबंधित आरोपों में वारंट जारी किया था। इसी वारंट के आधार पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर बेऊर जेल ले गई।

गिरफ्तारी के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पप्पू यादव ने पुलिस के साथ जाने से पहले इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि पुलिस के पास गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि संपत्ति कुर्की का वारंट है। हालांकि, बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पटना की बेऊर जेल में रखा गया।

इस बीच, पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन पटना कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के कारण अदालत का कामकाज रोक दिया गया था। इसके चलते सुनवाई टल गई थी। बाद में एमपी/एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां 31 साल पुराने मामले में उन्हें जमानत दे दी गई।

हालांकि, राहत यहीं तक सीमित रही। गिरफ्तारी के दिन ही पप्पू यादव के खिलाफ बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में सरकारी काम में बाधा डालने का एक नया मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अभी उन्हें जमानत नहीं मिली है। इसी वजह से वे जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस केस में उनकी जमानत याचिका पर कल सुनवाई होने की संभावना है।

फिलहाल, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव बेऊर जेल में ही बंद हैं। उनके समर्थकों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी है, वहीं राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। एक तरफ जहां पुराने मामले में कोर्ट से राहत मिलने को पप्पू यादव के लिए सकारात्मक माना जा रहा है, वहीं नए मामले में फंसी जमानत ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

अब सबकी नजरें बुद्धा कॉलोनी एफआईआर मामले की सुनवाई पर टिकी हैं। यदि इस केस में भी पप्पू यादव को जमानत मिल जाती है, तभी उनकी जेल से रिहाई संभव हो पाएगी।