विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
रोम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करते हुए उन्हें विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, समुद्री अर्थव्यवस्था और औद्योगिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति व्यक्त की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस फैसले से दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और अधिक गहरा होगा तथा वैश्विक स्तर पर साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त बयान जारी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों नेताओं के बीच लगातार संवाद और मुलाकातों ने भारत-इटली संबंधों को नई गति, नया आत्मविश्वास और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता विश्वास अब इस स्तर पर पहुंच चुका है कि संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक विस्तारित करने की घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इटली भविष्य में संयुक्त रूप से उत्पादों के डिजाइन, विकास और निर्माण पर कार्य करेंगे तथा उन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में सहयोग बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इटली अपनी उत्कृष्ट डिजाइन क्षमता और सटीक तकनीकी दक्षता के लिए जाना जाता है, जबकि भारत बड़े पैमाने पर उत्पादन, प्रतिभा और किफायती नवाचार की शक्ति रखता है। ऐसे में दोनों देशों की क्षमताओं का संयोजन वैश्विक स्तर पर नए अवसरों का निर्माण करेगा।
उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत और इटली के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा। रक्षा औद्योगिक रोडमैप के माध्यम से दोनों देशों के बीच सह-विकास और सह-उत्पादन के नए रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा समुद्री शक्तियों के रूप में भारत और इटली शिपिंग, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और समुद्री अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों को लाभ मिलेगा।
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और इटली की समान सोच का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद को मानवता के लिए गंभीर खतरा मानते हैं और इसके खिलाफ सख्त रुख अपनाने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि केवल आतंकवाद की निंदा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके वित्तीय नेटवर्क को समाप्त करने के लिए ठोस कार्रवाई करना भी आवश्यक है। आतंक वित्तपोषण के खिलाफ भारत और इटली की साझा पहल वैश्विक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूक्रेन संकट, पश्चिम एशिया और अन्य वैश्विक तनावों के मुद्दों पर भी भारत और इटली लगातार संपर्क में बने हुए हैं। उन्होंने दोहराया कि भारत का स्पष्ट मत है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों और संघर्षों का समाधान संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण वार्ता के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी तथा व्यापार, रक्षा, तकनीक, नवाचार और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को अधिक व्यापक बनाएगी। इससे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी।







