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भारत-कनाडा रिश्तों में नई शुरुआत, सिख नेता विवाद के बाद आई नरमी

विदेश डेस्क, मुस्कान कुमारी |

दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बैठक से व्यापार और निवेश पर नए समझौते, मोदी ने दी नई गति देने की बात....

नई दिल्ली: भारत और कनाडा ने सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद बिगड़े रिश्तों को सुधारने के लिए दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बैठक में कई कदमों पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश पर मंत्रिस्तरीय चर्चा शुरू करने का ऐलान किया, जिससे आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मोदी ने आनंद से कहा कि यह दौरा दोनों देशों के साझेदारी को नई गति देने के प्रयासों को मजबूत करेगा।

तनाव की पृष्ठभूमि: 2023 में रिश्ते पहुंचे निचले स्तर पर

2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था, जिसे दिल्ली ने सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद दोनों देशों ने वीजा सेवाएं निलंबित कर दीं और एक-दूसरे के शीर्ष राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। कनाडा में करीब 17 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, इसलिए इन घटनाक्रमों पर दोनों देशों में चिंता थी।

दिल्ली में सोमवार को हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि इस साझेदारी को पुनर्जीवित करने से न केवल आर्थिक सहयोग के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि वैश्विक गठबंधनों में बदलाव से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने में भी मदद मिलेगी।

गर्मजोशी का संकेत: नए प्रधानमंत्री के साथ सुधार की राह

इस साल कनाडा में मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रिश्तों में सुधार के संकेत दिखे हैं। जून में कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान कार्नी और मोदी की द्विपक्षीय बैठक हुई। दो महीने बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे में नए हाई कमिश्नर नियुक्त किए। सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आनंद और जयशंकर की मुलाकात हुई।

जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में भारत-कनाडा संबंध लगातार प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने कनाडा को पूरक अर्थव्यवस्था, खुला समाज, विविधता और बहुलवाद वाला देश बताते हुए कहा कि यह एक मजबूत, टिकाऊ और लंबी अवधि की सहयोगी ढांचे का आधार है।

आनंद ने कहा कि दोनों देश इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा प्राथमिकताओं पर।

व्यापार को बढ़ावा: सीईओ फोरम की वापसी और नए अवसर

बैठक में कनाडा-इंडिया सीईओ फोरम को फिर से शुरू करने का फैसला हुआ, जो दोनों देशों के कार्यकारी अधिकारियों को एक साथ लाकर द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% का दंडनीय शुल्क लगा दिया है।

आनंद भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मिलेंगी और व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगी। इसके बाद वह मुंबई जाएंगी, जहां व्यापारिक नेताओं से निवेश और आर्थिक अवसरों पर बात करेंगी।

आगे की योजना: इंडो-पैसिफिक रणनीति में गहराई

आनंद की यात्रा कनाडा की इंडो-पैसिफिक रणनीति का हिस्सा है, जो क्षेत्र में देश की भागीदारी को गहरा करने पर केंद्रित है। मुंबई के बाद वह चीन और सिंगापुर का दौरा करेंगी।

दोनों देशों के बीच यह कदम वैश्विक बदलावों के बीच मजबूत साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

छवियों से झलक: बैठक की तस्वीरें

दिल्ली में आनंद और जयशंकर की मुलाकात की तस्वीर में दोनों नेता भारत और कनाडा के झंडों के सामने हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं। एक अन्य तस्वीर में आनंद मोदी के साथ दिख रही हैं। जयशंकर ने कहा कि संबंधों में स्थिर प्रगति हो रही है।

कनाडा में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए, इन विकासों पर दोनों ओर से नजर रखी जा रही है।