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भारत–नेपाल आर्थिक सहयोग पर बीरगंज में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी

नेशनल डेस्क।

बीरगंज। भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज (नेपाल) और बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के संयुक्त सहयोग से “India-Nepal Economic Cooperation: Unlocking New Trade Potential” शीर्षक पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नेपाल तथा भारत के बिहार राज्य के विभिन्न उद्योग, वाणिज्य संघों और चैंबरों के प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महावाणिज्यदूत डी.एस. मीणा ने भारत–नेपाल के बीच मौजूद ऐतिहासिक और गहरे आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास तथा बीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने भारत–नेपाल के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों की समग्र स्थिति का संक्षिप्त अवलोकन भी प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और नेपाली व्यवसायी भारतीय समकक्षों के साथ सहयोग करके इससे लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने एकीकृत जांच चौकी, सूखा बंदरगाह, रेलवे सेवा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाने के भारत सरकार के प्रयासों की जानकारी भी दी।

महावाणिज्यदूत मीणा ने स्टार्टअप, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), पर्यटन तथा कृषि प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में संयुक्त निवेश और उद्यम स्थापित करने के लिए नए अवसरों की खोज करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष माधव राजपाल, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी, बिहार उद्योग संघ के प्रतिनिधि मनीष कुमार, नेपाली उद्योगपति अशोक वैद्य, मधेश प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा तथा बिहार स्थित रिपु एग्रो के निदेशक रिपु रमन सहित कई विशिष्ट वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

वक्ताओं ने भारत–नेपाल के बीच व्यापारिक सहयोग को और प्रभावी बनाने के उपायों पर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। उन्होंने व्यापार विस्तार में आ रही चुनौतियों, सीमावर्ती व्यापार की समस्याओं तथा उनके संभावित समाधान पर भी खुलकर चर्चा की।

आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना तथा पारस्परिक लाभ के लिए नए अवसरों की पहचान करना था। प्रतिभागियों के बीच सकारात्मक संवाद हुआ और भविष्य में सहयोग के नए मार्ग खुलने की आशा व्यक्त की गई।

कार्यक्रम के अंत में महावाणिज्यदूत मीणा ने द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए महावाणिज्य दूतावास की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई।