लोकल डेस्क, एन के सिंह
मैत्री पुल के सौंदर्यीकरण और सरिस्वा नदी की सफाई पर जोर। कार्यपालक पदाधिकारी रक्सौल को पुल की साफ-सफाई, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण कार्य अविलंब पूरा करने के कड़े निर्देश।
रक्सौल: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान हेतु 17 फरवरी 2026 को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बेतिया रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक हर किशोर राय, पूर्वी चंपारण के जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने एसएसबी (SSB) के अधिकारियों के साथ सीमा पर मौजूद विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों और अवैध गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए आपसी समन्वय को और मजबूत करने पर बल दिया।
मैत्री पुल का निरीक्षण और सरिस्वा नदी पर चिंता
समीक्षा बैठक के पश्चात सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ऐतिहासिक मैत्री पुल का भ्रमण किया। वहां तैनात एसएसबी और कस्टम विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान मैत्री पुल के नीचे बहने वाली सरिस्वा नदी में नेपाल की ओर से आ रहे गंदे और जहरीले पानी को लेकर अधिकारियों ने गहरी चिंता व्यक्त की। इस प्रदूषण से स्थानीय पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि आगामी भारत-नेपाल कोऑर्डिनेशन बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका स्थायी समाधान निकाला जा सके।
सौंदर्यीकरण और लाइटिंग के निर्देश
सीमाई क्षेत्र की छवि को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक पदाधिकारी, रक्सौल को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने मैत्री पुल की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, क्षेत्र का सौंदर्यीकरण करने और पुल पर अविलंब आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था करने को कहा। अधिकारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार होने के नाते इस स्थल का भव्य और स्वच्छ दिखना अनिवार्य है।
जवानों का उत्साहवर्धन और नाकों का निरीक्षण
भ्रमण के क्रम में अधिकारियों की टीम एसएसबी के धूपवा टोला स्थित मुख्यालय और सिवान टोला में संचालित नाके पर भी पहुँची। वहां सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही तैनात जवानों से सीधे बातचीत की गई। अधिकारियों ने विषम परिस्थितियों में मुस्तैदी से सीमा की रक्षा कर रहे जवानों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए।






