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भारत-वियतनाम के बीच AI और रक्षा सहयोग को नई रफ्तार

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार

नई दिल्ली। भारत और वियतनाम ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में वहां के उप प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से वियतनाम के वायु सेना अधिकारी महाविद्यालय में भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। साथ ही भारत और वियतनाम के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने न्हा त्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में AI प्रयोगशाला स्थापित करने की घोषणा भी की।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने रक्षा साझेदारी की समीक्षा करते हुए समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार किया।

दोनों देशों ने पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की। इस दौरान सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना, साइबर सुरक्षा और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर बातचीत हुई।

भारत और वियतनाम ने नियमित संवाद, संयुक्त सैन्य अभ्यास और विनिमय कार्यक्रमों के जरिए रक्षा सेनाओं के बीच सहयोग मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई और रक्षा आधुनिकीकरण तथा क्षमता वृद्धि के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने की बात कही। वहीं, जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना करते हुए दोनों देशों की दीर्घकालिक मित्रता और बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया।