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मनरेगा समीक्षा: लापरवाही पर डीडीसी सख्त, दो अधिकारियों का वेतन कटा

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

सभी कर्मियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा करने और कार्य में पारदर्शिता लाने की हिदायत।

पूर्वी चंपारण: जिले के उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में जिले में संचालित मनरेगा योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक के दौरान मनरेगा मजदूरों के ई-केवाईसी की प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया गया कि जिले की 177 पंचायतों में कार्य की रफ्तार जिला औसत से काफी कम है। इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए उप विकास आयुक्त ने हर हाल में स्थिति में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में इन सभी 177 पंचायतों के पंचायत रोजगार सेवक (पीआरएस) मौजूद थे, जिन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि कार्यशैली में बदलाव लाएं।

अनुशासनहीनता और लापरवाही के मामले में उप विकास आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए बैठक से अनुपस्थित रहने वाले मधुबन और तेतरिया के कार्यक्रम पदाधिकारियों (पीओ) के आज के वेतन की कटौती करने का आदेश दिया और उनसे स्पष्टीकरण की मांग की है। साथ ही, हरसिद्धि के पीआरएस मनोज कुमार सिंह, चकिया के पीआरएस राम जी प्रसाद और केसरिया के पीआरएस शत्रुघन कुमार के भी बैठक में मौजूद न रहने पर उन्हें स्पष्टीकरण जारी किया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी पीआरएस को निर्देश दिया है कि ई-केवाईसी के कार्य में तेजी लाएं ताकि 28 फरवरी तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके। उप विकास आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा न करने वाले या कोताही बरतने वाले किसी भी कर्मी या पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निदेशक एनईपी और डीपीओ मनरेगा सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।