Ad Image
Ad Image
मेरठ: भीषण आग में एक ही परिवार के 5 बच्चों समेत छह की मौत || भोपाल: खड़गे और राहुल गांधी किसान महापंचायत को करेंगे संबोधित || लुधियाना से मोतिहारी आ रही डबल डेकर बस पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पलटी || रांची से दिल्ली जा रहा एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, 7 की मौत || मैक्सिको के इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल लीडर एल मंचों की मौत, हिंसा जारी || प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

महात्मा गांधी के.वि.वि भूमि घोटाला: 6 साल बाद 3 गिरफ्तार

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह ।

भूमि अधिग्रहण में 3.7 करोड़ रुपये के गबन मामले में पुलिस की कार्रवाई ...

पूर्वी चंपारण: महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए भूमि अधिग्रहण में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यह कार्रवाई पुलिस की भूमाफिया के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। छह साल पहले हुए इस मामले में फर्जी जमीन खरीद-बिक्री के जरिए लगभग 3 करोड़ 70 लाख 40 हजार 800 रुपये के गबन का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

वर्ष 2018 में विश्वविद्यालय की जमीन अधिग्रहण के दौरान कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने असली जमीन मालिक के स्थान पर फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर अधिग्रहण की राशि की निकासी कर ली थी। इस गबन में 3.70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़पी गई थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललन तिवारी, दिनेश प्रसाद और तत्कालीन अंचल अमीन जटाशंकर सिंह के रूप में हुई है। तीनों पूर्वी चंपारण जिले के निवासी हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर, विशेष न्यायाधीश (निगरानी) उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर के न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर की गई।

आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धारा

धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 409 (सरकारी अधिकारी द्वारा विश्वासघात)—के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

पुलिस ने इन गिरफ्तारियों को एक बड़ी उपलब्धि बताया है और कहा है कि यह कार्रवाई इस संदेश को मजबूत करती है कि वित्तीय अपराधों में भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। सभी आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया जाएगा।