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महाराष्ट्र में जहरीली शराब का कहर, 14 मौतों के बाद मचा हड़कंप; CM फडणवीस ने दिए जांच के आदेश

स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे और पड़ोसी पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में कथित तौर पर मेथनॉल मिली जहरीली शराब पीने से पिछले दो दिनों में करीब 14 लोगों की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े, शराब के अड्डे के मालिक कर्नल सिंह विर्क और आठ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।

घटना को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस आयुक्तों को संयुक्त रूप से जांच करने और मामले की तह तक पहुंचने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बचने नहीं दिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाने और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है।

पुलिस को शक है कि योगेश वानखेड़े ने औद्योगिक स्पिरिट की आपूर्ति की थी, जिसका इस्तेमाल अवैध शराब तैयार करने में किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला हडपसर और कालेपडल थाना क्षेत्रों से जुड़ा है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित रूप से यह देसी शराब पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाड़ी इलाके में रासायनिक रूप से दूषित स्पिरिट का उपयोग कर तैयार की गई थी। बाद में इसे हडपसर और आसपास के इलाकों में सप्लाई किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि शराब पीने के बाद पीड़ितों ने पेट में तेज दर्द और उल्टी की शिकायत की थी। उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतकों में राहुल शरद क्षीरसागर (45), विजय भू कुरलाल शर्मा (45), अरुण दादर और अशोक रमेश चव्हाण शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, मृतकों में एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है, जिसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस संदिग्ध शराब का सेवन अन्य लोगों ने भी किया था और इसके पीछे किसी बड़े अवैध शराब नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। घटना के बाद राज्य आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है।