विदेशडेस्क,श्रेयांश पराशर l
ब्रसेल्स । यूरोपीय संघ परिषद ने ईरान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उस पर लगाए गए प्रतिबंधों की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। परिषद के अनुसार, ये प्रतिबंध अब 13 अप्रैल 2027 तक प्रभावी रहेंगे।
परिषद द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ईरान में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। इन प्रतिबंधों के तहत कई कड़े कदम शामिल हैं, जिनका उद्देश्य जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थाओं पर दबाव बनाना है।
प्रतिबंधों में यूरोपीय संघ में प्रवेश पर रोक, संबंधित व्यक्तियों और संगठनों की संपत्तियों को फ्रीज करना और उन्हें किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर प्रतिबंध शामिल है। इसके अलावा, ईरान को दूरसंचार निगरानी उपकरणों के निर्यात पर भी रोक लगाई गई है, ताकि इनका इस्तेमाल नागरिकों की निगरानी में न किया जा सके l
यूरोपीय संघ ने स्पष्ट किया कि उसके नागरिकों और कंपनियों को भी प्रतिबंध सूची में शामिल व्यक्तियों एवं संस्थाओं को धन या संसाधन उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं होगी। इस कदम को ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गौरतलब है कि यूरोपीय संघ ने वर्ष 2011 से ही ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने शुरू किए थे और हर साल इन्हें आगे बढ़ाया जाता रहा है। इस बार प्रतिबंधों के विस्तार का कारण हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान ईरान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को बताया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से ईरान और यूरोपीय संघ के संबंधों में और तनाव बढ़ सकता है।







