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मैत्री पुल पर पत्रकार का मोबाइल छीने जाने पर सशस्त्र प्रहरी का स्पष्टीकरण

स्टेट डेस्क, अभिलाष गुप्ता।

मैत्री पुल घटना में चार भारतीय ऑटो चालक गिरफ्तार, पत्रकार से दुर्व्यवहार से इनकार

रक्सौल / बीरगंज: बीरगंज स्थित मैत्री पुल क्षेत्र में सोमवार शाम हुई तनावपूर्ण घटना को लेकर सशस्त्र प्रहरी बल ने अपना पक्ष सार्वजनिक करते हुए पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट तथा गाली गलौज किए जाने के आरोपों से इनकार किया है।

साथ ही पत्रकार का मोबाइल तत्काल वापस कर दिए जाने की बात भी कही गई है।सशस्त्र प्रहरी बल भन्सार गुल्म बीरगंज के डीएसपी बिकाश अधिकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब पाँच बजे भारतीय ऑटो रिक्शा चालकों द्वारा सशस्त्र प्रहरी पर हाथापाई तथा दुर्व्यवहार किए जाने के बाद मैत्री पुल क्षेत्र में विवाद उत्पन्न हुआ था। उनके अनुसार स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद भन्सार गुल्म से अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी परिचालन किए गए। इस दौरान चार भारतीय ऑटो रिक्शा चालकों को हिरासत में लिया गया तथा चार ऑटो रिक्शा भी जब्त किए गए।
डीएसपी अधिकारी ने बताया कि अत्यधिक भीड़ जमा होने के कारण स्थिति नियंत्रण में लेने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा तथा भीड़ को भारत की ओर खदेड़ा गया। घटना के दौरान कुछ चालक मौके से भागने में सफल रहे।

नेपाली पत्रकार संजय कुशवाहा का मोबाइल छीने जाने के विषय में डीएसपी अधिकारी ने कहा कि बिना प्रेस कार्ड और प्रेस जैकेट पहने छिपकर मोबाइल से फोटो तथा वीडियो बनाए जाने पर ड्यूटी में मौजूद प्रहरी स्टाफ ने मोबाइल अपने नियंत्रण में लिया था। बाद में उन्होंने अपना परिचय दिया। इसके बाद वहीं मौजूद प्रहरी कर्मचारी एन ठाकुर मोबाइल वापस देने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन उन्होंने कहा कि अब मैं इन्चार्ज से ही मोबाइल लूंगा,” डीएसपी अधिकारी ने कहा।उन्होंने बताया कि पत्रकार उनसे मिलने आने के बाद पूरा विषय समझा गया और पत्रकार कुशवाहा को तत्काल मोबाइल वापस कर दिया गया।
इस घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, पत्रकारों के कार्यक्षेत्र तथा सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।