Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मैथिली ठाकुर BJP में शामिल, अलीनगर से मिल सकता टिकट

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी |

बिहार की मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर अब राजनीति में कदम रख चुकी हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मैथिली ठाकुर बीजेपी में शामिल हो गई हैं और पार्टी उन्हें अलीनगर विधानसभा सीट से टिकट दे सकती है। पहली सूची में नाम न होने के बाद यह अटकलें तेज थीं कि मैथिली को झटका लगा है, लेकिन अब उनके बीजेपी में आने के बाद उनका चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे अलीनगर से मैदान में उतरेंगी।

बीजेपी में शामिल होने के बाद मैथिली ठाकुर ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बेहद प्रभावित हूं। उनसे प्रेरणा लेकर मैं यहां उनके साथ खड़ी हूं… मेरा मानना है कि किसी राजनीतिक दल से जुड़ना आपको राजनीतिज्ञ नहीं बनाता; मैं यहां समाज की सेवा करने और उनकी विचारधारा को हर व्यक्ति तक पहुंचाने आई हूं। मैं मिथिला की बेटी हूं, मेरी आत्मा मिथिला में बसती है पार्टी जो भी आदेश देगी, मैं उसी का पालन करूंगी।”

कौन हैं मैथिली ठाकुर?

मैथिली ठाकुर बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। वह एक प्रसिद्ध लोक और भक्ति गायिका हैं, जो मैथिली, हिंदी और भोजपुरी भाषाओं में अपने गीतों के लिए जानी जाती हैं। कम उम्र में ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और महाकुंभ जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीता है। इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माँ शबरी पर गाए उनके भजन की प्रशंसा करते हुए उनकी सराहना की थी। अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी मैथिली ठाकुर पहले भी यह कह चुकी हैं कि वे राजनीति के माध्यम से अपने समाज की सेवा करना और क्षेत्र के विकास में योगदान देना चाहती हैं।

25 जुलाई 2000 को जन्मी मैथिली ठाकुर बिहार के मधुबनी जिले की रहने वाली हैं, हालांकि वे लंबे समय से दिल्ली के नजफगढ़ में रह रही हैं। उनके पिता रमेश ठाकुर संगीत शिक्षक और उनके गुरु भी हैं, जबकि मां पूजा ठाकुर गृहिणी हैं। मैथिली के दो भाई; ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर भी संगीत से जुड़े हुए हैं।