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मोकामा कांड के बाद चुनाव आयोग सख्त, हथियार जमा कराने और लॉ एंड ऑर्डर पर निगरानी तेज

स्टेट डेस्क - आर्या कुमारी

मोकामा में हुई चुनावी हिंसा ने पूरे बिहार में हलचल मचा दी है. इस बीच चुनाव आयोग ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. आयोग ने अवैध हथियारों की बरामदगी का आदेश दिया और लॉ एंड ऑर्डर सख्ती से लागू करने का टास्क दिया है.

मोकामा में चुनावी हिंसा और दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद आयोग एक्शन मोड में आ गया है. आयोग ने राज्य के अधिकारियों को अवैध हथियारों की बरामदगी तेज करने और लाइसेंसी हथियारों को जमा कराने के निर्देश दिए हैं. आयोग का कहना है कि शांति बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी जरूरी है. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य में लॉ एंड ऑर्डर की विस्तृत समीक्षा की.

मोकामा की हिंसा के बीच आयोग ने राज्य प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कानून-व्यवस्था का कड़ाई से पालन किया जाए और अवैध हथियारों की बरामदगी अभियान को तुरंत तेज किया जाए. साथ ही लाइसेंसी हथियारों को जमा कराने का भी आदेश दिया गया है. CEC ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की. बैठक के बाद अधिकारियों को स्पष्ट टास्क दिया गया कि किसी भी कीमत पर चुनावी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

मोकामा हिंसा पर बढ़ती FIRs

मोकामा में चुनावी रंजिश के बीच दुलारचंद यादव की हत्या के बाद एफआईआर की संख्या लगातार बढ़ रही है. ताजा मामला आरजेडी उम्मीदवार वीणा देवी के समर्थकों की ओर से दर्ज कराया गया है. शुक्रवार को दुलारचंद यादव की शव यात्रा के दौरान पंडारक में हुए बवाल में वीणा देवी के काफिले की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई. इस मामले में सुमित, सोनू और गोलू को आरोपी बनाया गया है.

पहले से दर्ज हैं तीन FIRs

इससे पहले मोकामा हत्याकांड में तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. पहली एफआईआर दुलारचंद के पोते नीरज कुमार की शिकायत पर हुई, जिसमें अनंत सिंह, उनके दो भतीजे राजवीर और कर्मवीर, छोटन सिंह और कंजय सिंह को नामजद किया गया है. दूसरी एफआईआर अनंत सिंह के समर्थक जितेंद्र कुमार की शिकायत पर दर्ज हुई, जिसमें जनसुराज प्रत्याशी प्रियदर्शी पीयूष, लखन महतो, बाजो महतो, नीतीश महतो, ईश्वर महतो और अजय महतो को आरोपी बनाया गया है.

तीसरी एफआईआर पुलिस ने अपनी ओर से दर्ज की है. पंडारक थाने में नई एफआईआर के साथ अब तक मोकामा घटना से जुड़ी कुल चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं — जिनमें तीन भदौर थाने में और एक पंडारक थाने में है.

चुनाव आयोग की सख्त हिदायत

आयोग ने कहा है कि मोकामा जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में निगरानी रखनी होगी. पुलिस को निर्देश दिया गया है कि हथियार रखने वालों और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित हो सके.