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मोतिहारी: DGP ने शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि, कहा— हमारे जवान की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी

स्टेट डेस्क, एन के सिंह।

अपराधियों के हर मंसूबे को मिट्टी में मिला दिया जाएगा, खाकी का शौर्य और कलेजे को चीर देने वाली विदाई।

पटना: चंपारण की धरती एक बार फिर खाकी के गौरव और बलिदान की साक्षी बनी। चकिया थाना क्षेत्र के सिहोरवा-रमडीहा में पुलिस और खूंखार अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ ने न केवल अपराध जगत की कमर तोड़ दी, बल्कि बिहार पुलिस के एक जांबाज सिपाही की शहादत ने पूरे सूबे की आंखों को नम कर दिया। अपराधियों की 'खुली चुनौती' को स्वीकार कर सीने पर गोली खाने वाले शहीद जवान श्री राम यादव का पार्थिव शरीर जब पुलिस लाइन पहुंचा, तो हर आंख छलक उठी।

डीजीपी का बड़ा बयान "धमकी देने वालों का अंत निश्चित है"

बिहार पुलिस महानिदेशक  विनय कुमार ने इस मुठभेड़ पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अपराधियों ने पुलिस को ललकारने की हिमाकत की थी। उन्होंने बताया, "थाना अध्यक्ष को नेपाल के एक नंबर से धमकी भरा कॉल आया था। अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी थी। हमने इसे इनपुट के आधार पर पूरी रणनीति तैयार की और अपराधियों को घेरने के लिए विशेष टीम भेजी।"
डीजीपी ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते हुए स्पष्ट संदेश दिया— "हमने एक जांबाज सिपाही खोया है, उसकी कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी। अपराधियों के हर मंसूबे को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। बिहार पुलिस किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।"

मार्मिक कहानी: चार मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

शहादत की इस गौरवगाथा के पीछे एक ऐसा दर्द है, जिसे सुनकर पत्थर दिल भी पिघल जाए। गोपालगंज के निवासी शहीद जवान श्री राम यादव का परिवार इस घटना के बाद पूरी तरह टूट गया है।
 2018 में बंधा था अटूट बंधन: श्री राम यादव की शादी वर्ष 2018 में सिंधु देवी से हुई थी। जीवन की गाड़ी अभी पटरी पर आई ही थी कि अपराधियों की गोलियों ने खुशियां छीन लीं।

 मासूमों की चित्कार: शहीद के चार बच्चे हैं, जिनकी उम्र महज 1 से 6 वर्ष के बीच है। उन्हें तो शायद यह भी नहीं पता कि तिरंगे में लिपटकर आए उनके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे। पत्नी सिंधु देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, उनकी चीखें पुलिस लाइन के सन्नाटे को चीर रही थीं।

पुलिस लाइन में शोक सभा: नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

मोतिहारी पुलिस लाइन में आयोजित शोक सभा में शहीद जवान को पूरे राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी गई। इस भावुक क्षण में चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय, जिलाधिकारी सौरभ अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
डीआईजी हरकिशोर राय ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा, "जवानों की शहादत ने अपराधियों के घमंड को चकनाचूर कर दिया है। श्री राम यादव की शहादत पुलिस महकमे के इतिहास में सदा याद रखी जाएगी।"
सलामी के पश्चात शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया। फिलहाल, पुलिस की टीमें फरार अपराधियों की तलाश में चप्पे-चप्पे पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि इस कांड में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।