लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
अत्याधुनिक मशीनों के सहयोग से यह इकाई स्नैक्स, जेली और मुनचून फिंगर्स जैसे उच्च गुणवत्ता वाले स्वादिष्ट उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजार को नई पहचान दे रही।
पूर्वी चंपारण: चंपारण की माटी अब केवल खेती के लिए ही नहीं, बल्कि सफल उद्यमियों की कहानियों के लिए भी अपनी पहचान बना रही है। जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल ने आज 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना' (PMFME) के तहत संचालित "मुनचून नमकीन" खाद्य प्रसंस्करण इकाई का भ्रमण किया। यह इकाई कोल्हरवा निवासी विजय कुमार की कड़ी मेहनत और सरकार की योजना के सटीक तालमेल का परिणाम है, जो आज जिले के हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की एक नई रोशनी बनकर उभरी है।
भ्रमण के दौरान विजय कुमार ने इकाई की कार्यप्रणाली साझा करते हुए बताया कि कैसे एक छोटी सी शुरुआत से उन्होंने अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित कर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण शुरू किया। आज "मुनचून नमकीन" ब्रांड के अंतर्गत स्नैक्स, जेली, कटोरी टोमैटो और मुनचून फिंगर्स जैसे स्वादिष्ट उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। विजय कुमार की इस सफलता ने उन्हें एक 'जॉब सीकर' (नौकरी खोजने वाला) से 'जॉब गिवर' (नौकरी देने वाला) बना दिया है। उनके इस उद्यम से वर्तमान में 10 स्थानीय परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि आ रही है।
जिला पदाधिकारी ने विजय कुमार के समर्पण और संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि चंपारण के युवाओं को ऐसी सफलता से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में सरकार की योजनाओं और आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग करके युवा अपना खुद का भविष्य संवार सकते हैं। प्रशासन ऐसे उद्यमियों के साथ मजबूती से खड़ा है। उद्यमियों की सहूलियत के लिए जिला पदाधिकारी ने बताया कि कोई भी उद्यमी अपनी समस्याओं के समाधान हेतु हर सोमवार और शुक्रवार को जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक या स्वयं उनके कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
कोल्हरवा के हिंगरी बाजार (वार्ड नं. 17) में स्थित यह इकाई आज इस बात का प्रमाण है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो स्थानीय स्तर पर भी बड़े ब्रांड खड़े किए जा सकते हैं। विजय कुमार की यह कहानी केवल एक व्यापारिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि चंपारण के युवाओं के लिए स्वावलंबन और कड़ी मेहनत का एक जीवंत संदेश है।







