लोकल डेस्क, एन के सिंह।
30 मार्च को होगी भव्य राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता।
लापरवाह उर्दू कर्मियों पर गिरेगी गाज: समय पर रिपोर्ट न देने वालों पर होगी कार्रवाई,जिलाधिकारी की स्वीकृति: डॉ. राजेंद्र प्रसाद भवन में जुटेगा उर्दू प्रेमियों का हुजूम।
पूर्वी चम्पारण: जिला उर्दू भाषा कोषांग की मासिक समीक्षात्मक बैठक डॉ. राधाकृष्णन भवन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी पदाधिकारी (जिला उर्दू कोषांग)-सह-उप निर्वाचन पदाधिकारी सरफराज नवाज ने की। इस दौरान जिले में उर्दू भाषा के उत्थान और आगामी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
अनुशासन पर सख्त निर्देश
बैठक की शुरुआत में ही प्रभारी पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सभी उर्दू कर्मी मासिक बैठक में समय पर अपनी उपस्थिति और वांछित प्रतिवेदन (रिपोर्ट) सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले या देरी से आने वाले कर्मियों के विरुद्ध नियमानुकूल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साप्ताहिक 'वजाहती नोट' से बढ़ेगी उर्दू की धमक
प्रभारी पदाधिकारी ने पिछले निर्णयों की समीक्षा करते हुए बताया कि कर्मियों को प्रतिदिन किए जा रहे कार्यों का एक हस्तलिखित 'वजाहती नोट' (उर्दू में) बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करना है। कुछ कर्मियों के सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा की गई, जबकि बाकी को जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को अपनाने की हिदायत दी गई।
30 मार्च को सजेगी वाद-विवाद प्रतियोगिता की महफिल
उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना (2025-26) के तहत आगामी 30 मार्च 2026 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद भवन के सभागार में एक विशाल वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण ने अपनी स्वीकृति दे दी है।
तैयारी का लक्ष्य: सभी उर्दू कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने प्रखंडों के स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में जाकर छात्रों को प्रेरित करें।
इच्छुक विद्यार्थियों के आवेदन पूर्ण प्रपत्र में भरकर 20 मार्च 2026 तक कार्यालय में जमा करने होंगे।
प्रतियोगिता में इस बार क्या है खास?
छात्रों की रुचि बढ़ाने के लिए इस बार प्रतियोगिता के स्वरूप में बदलाव किया गया है। मैट्रिक, इंटर और स्नातक (Graduation), तीनों वर्गों के लिए वाद-विवाद के तीन-तीन विकल्प दिए जाएंगे। साथ ही, यह निर्णय लिया गया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के आलेखों को 'जिला उर्दू नामा' पत्रिका में प्रकाशित किया जाएगा, ताकि उनकी प्रतिभा को जिला स्तर पर पहचान मिल सके।
बैठक के अंत में आयोजन की सामग्री, निर्णायक मंडल और प्रोत्साहन राशि के मदों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ।






