Ad Image
Ad Image
मेरठ: भीषण आग में एक ही परिवार के 5 बच्चों समेत छह की मौत || भोपाल: खड़गे और राहुल गांधी किसान महापंचायत को करेंगे संबोधित || लुधियाना से मोतिहारी आ रही डबल डेकर बस पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पलटी || रांची से दिल्ली जा रहा एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, 7 की मौत || मैक्सिको के इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल लीडर एल मंचों की मौत, हिंसा जारी || प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मोतिहारी: कृषि पदाधिकारी के सख्त तेवर, खाद माफियाओं में हड़कंप

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

मोतिहारी के ढेकहां बाजार में दो उर्वरक दुकानों के लाइसेंस निलंबित।

पूर्वी चम्पारण: किसानों के पसीने की कमाई और उनके हक को सुरक्षित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले के जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) मनीष कुमार सिंह के कड़े तेवरों ने खाद और बीज की कालाबाजारी करने वाले बिचौलियों की नींद उड़ा दी है। किसानों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए विभाग अब "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है।

जांच में खुली पोल: ढेकहां बाजार की दो दुकानें निलंबित

हालिया कार्रवाई के तहत, जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देश पर मोतिहारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने ढ़ेकहां बाजार में सघन छापेमारी की। इस दौरान मेसर्स मिश्रा बीज भंडार (प्रो. जय प्रकाश मिश्रा) और मेसर्स जायसवाल खाद बीज भंडार (प्रो. प्रेम चन्द्र प्रसाद) के प्रतिष्ठानों की सूक्ष्मता से जांच की गई।
जांच में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे। इन दुकानों पर न तो नियमानुसार डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया था, न ही मूल्य तालिका का प्रदर्शन किया गया था। सबसे गंभीर बात यह रही कि बिक्री पंजी (Sales Register) का संधारण भी सही तरीके से नहीं किया जा रहा था, जो सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी और किसानों को गुमराह करने का प्रयास है।

लाइसेंस सस्पेंड और 'कारण बताओ' नोटिस जारी

प्रखंड कृषि पदाधिकारी की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने तत्काल प्रभाव से दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इसके साथ ही, उनसे स्पष्टीकरण (पृच्छा) मांगते हुए जवाब तलब किया गया है कि क्यों न उनकी दुकानों को हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाए।
 

चिरैया और ढाका तक पहुंची जांच की आंच

जिला कृषि पदाधिकारी केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने स्वयं चिरैया और ढाका प्रखंडों का दौरा किया। विभिन्न उर्वरक केंद्रों पर पहुंचकर उन्होंने स्टॉक की स्थिति देखी और दुकानदारों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य है।

 "हमारा एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के अन्नदाता किसानों को खाद और बीज के लिए दर-दर न भटकना पड़े। जो भी दुकानदार निर्धारित नियमों का उल्लंघन करेगा या स्टॉक में हेराफेरी करेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"  — मनीष कुमार सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण
 
किसानों में खुशी की लहर
प्रशासन द्वारा उठाए गए इस साहसिक कदम की चम्पारण के किसानों ने जमकर सराहना की है। किसानों का कहना है कि अक्सर ऊंचे दामों और खाद की कृत्रिम कमी दिखाकर उनका शोषण किया जाता है, लेकिन ऐसी नियमित जांच और कड़ी कार्रवाई से बिचौलियों के हौसले पस्त होंगे और खेती-किसानी सुगम होगी।