लोकल डेस्क, एन के सिंह।
पुलिस की अपील— "जान प्यारी है तो सामने आएं, हम बचाएंगे"। मुख्य साजिशकर्ता समेत 12 गिरफ्तार; थानेदार सस्पेंड तो चौकीदार सलाखों के पीछे।
पूर्वी चंपारण: तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्रों में एक बार फिर मौत ने 'कच्ची स्पिरिट' की शक्ल में दस्तक दी है। जहरीली शराब के सेवन से अब तक 6 परिवारों के आंगन सूने हो चुके हैं, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग जिंदगी और मौत के बीच अस्पतालों में जंग लड़ रहे हैं। घटना की भयावहता ने जिला प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक में हड़कंप मचा दिया है। चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और एसपी स्वर्ण प्रभात ने खुद कमान संभालते हुए प्रभावित इलाकों में डेरा डाल दिया है।
खौफनाक मंजर: देखते ही देखते बुझ गई आंखें
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब तुरकौलिया और आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। डीआईजी हरकिशोर राय ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला 'कच्ची स्पिरिट' को शराब के रूप में परोसने का है। जैसे ही इसकी खबर फैली, प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया। फिलहाल 6 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 7 लोग इलाज के बाद मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आए हैं।
खाकी का सख्त एक्शन: नप गए थानेदार, जेल गया चौकीदार
इस मामले में पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसआईटी का गठन किया है। पुलिस की दबिश ने 24 घंटे के भीतर मुख्य साजिशकर्ता नागा राय (परसौना) और जम्मु बैठा (हरदिया) समेत 12 लोगों को दबोच लिया। कर्तव्य में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका के आरोप में तुरकौलिया थाना अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं चौकीदार भरत राय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि वर्दी की आड़ में शराब माफिया की मदद करने वालों की जगह सिर्फ जेल में है।
DIG की मार्मिक अपील: "डरें नहीं, हमें आपकी जान बचानी है"
इस संकट की घड़ी में डीआईजी हरकिशोर राय ने मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाते हुए जनता से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि "अगर आपने शराब का सेवन किया है और आपकी तबीयत खराब लग रही है, तो डरें नहीं। पुलिस को दुश्मन न समझें, आप तुरंत मेडिकल टीम के पास आएं। हमारी पहली प्राथमिकता आपकी जान बचाना है, आपको जेल भेजना नहीं।"
स्वास्थ्य विभाग का 'सर्च ऑपरेशन': 8 गांवों में घर-घर पहुंची टीमें
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देश पर लक्ष्मीपुर, मजुरहा, रघुनाथपुर और बालगंगा समेत 8 गांवों में डॉक्टरों की टीम 'डोर-टू-डोर' स्क्रीनिंग कर रही है। प्रशासन ने गांवों में माइकिंग कराकर लोगों से अपील की है कि वे किसी भी लक्षण को न छिपाएं।







