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मोतिहारी: निजी स्कूलों की मनमानी पर DM ने लगाया ब्रेक

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

जिलाधिकारी ने कहा- एक ही दुकान से कॉपी-किताब खरीदने को मजबूर न करें स्कूल। ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित करने और उनका डेटाबेस समय पर अपलोड करने का सख्त आदेश।

मोतिहारी: जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में जिले के निजी विद्यालय संचालकों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट लहजे में निर्देश दिया कि स्कूल प्रबंधन छात्र और अभिभावकों के हित में सभी जरूरी कदम उठाए ताकि किसी को भी अनावश्यक परेशानी या आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि विद्यालय द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

पाठ्य सामग्री और यूनिफॉर्म की खरीदारी में मिलेगी आजादी

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कोई भी विद्यालय संचालक या प्राचार्य छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म, जूते, टाई, पाठ्य पुस्तकें या स्टेशनरी किसी एक खास दुकान या चिन्हित विक्रेता से खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी निजी विद्यालयों को 10 फरवरी 2026 से पहले अपनी वेबसाइट पर कक्षावार अनिवार्य पुस्तकों की सूची और यूनिफॉर्म का विवरण अपलोड करना होगा। साथ ही, इस जानकारी को स्कूल के सूचना पट्ट पर भी चस्पा करना अनिवार्य होगा, ताकि अभिभावक अपनी सुविधानुसार कहीं से भी सामग्री खरीद सकें।

री-एडमिशन शुल्क और ज्ञानदीप पोर्टल पर सख्त निर्देश

जिलाधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को री-एडमिशन और डेवलपमेंट चार्ज जैसे शुल्कों को समाप्त करने पर विचार करने का निर्देश दिया। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से आवंटित बच्चों का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। सरकार इन बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति करती है, इसलिए स्कूलों को छात्रों का डेटाबेस समय पर पोर्टल पर अपलोड करना चाहिए। इस प्रक्रिया में तकनीकी मदद के लिए महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में जल्द ही एक प्रशिक्षण सह हेल्प डेस्क का आयोजन किया जाएगा।

छात्रों की सुविधा के लिए आधार कैंप और अपार आईडी

अभिभावकों की समस्याओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने घोषणा की कि स्कूलों में पोस्ट ऑफिस के माध्यम से कैंप लगाकर बच्चों के आधार कार्ड बनवाए जाएंगे। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निजी स्कूलों में बड़ी संख्या में लंबित 'अपार आईडी' (APAAR ID) को लेकर चिंता जताई और इसे शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्कूल संचालकों से कहा कि वे कमजोर वर्ग के बच्चों का विशेष ध्यान रखें ताकि वे स्कूल में खुद को अलग-थलग महसूस न करें।

शिकायत के लिए प्रशासन ने जारी किया निर्देश

बैठक में मौजूद 300 से अधिक विद्यालय प्रबंधकों ने प्रशासन के इन आदेशों के अनुपालन पर सहमति जताई। जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई भी विद्यालय इन नियमों का उल्लंघन करता है या किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने का दबाव बनाता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी या जिला शिक्षा पदाधिकारी को दें। बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा, प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी हेमंत सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन गिरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।