Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मोतिहारी: फर्जी आर्म्स लाइसेंस का सनसनीखेज खेल एक्सपोज

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

पुलिस की जाली कलम से बनना चाहता था 'लाइसेंसधारी'

एसपी का कड़ा प्रहार, 15 हजार का इनामी घोषित हुआ प्रमुख पति नाज अहमद खान, चौकीदार के साथ मिलकर थानेदार के जाली दस्तखत से बनवाया 'क्लीन चिट' लेटर।

एक दर्जन दागदार मुकदमों के बावजूद खुद को बताया बेदाग, पुलिसिया तंत्र में सेंधमारी, मददगार चौकीदार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर इनाम घोषित, SIT का गठन,48 घंटे में सरेंडर नहीं किया तो कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तय।

पूर्वी चंपारण: जिले में कानून को ठेंगा दिखाने और सरकारी तंत्र के साथ खिलवाड़ करने का एक ऐसा दुस्साहसिक मामला सामने आया है, जिसने पूरे महकमे की नींद उड़ा दी है। केसरिया के प्रखंड प्रमुख पति और कुख्यात अपराधी नाज अहमद खान ने सरकारी मुहर और पुलिस अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों के सहारे जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने की नाकाम कोशिश की। इस पूरे 'मास्टरमाइंड' खेल का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने न केवल षड्यंत्र को नाकाम किया, बल्कि अपराधियों के खिलाफ युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

जाली दस्तखत और वर्दी की गद्दारी

मामला आर्म्स लाइसेंस हासिल करने से जुड़ा है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने खुलासा किया कि कुख्यात नाज अहमद खान पर हत्या और रंगदारी जैसे एक दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। अपने इस काले इतिहास को छिपाने के लिए उसने स्थानीय चौकीदार मनोज सिंह के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची।

साजिश के तहत, थाने के थानाध्यक्ष (SHO) और अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर वाला एक अनुशंसा पत्र (Recommendation Letter) तैयार किया गया। इस जाली पत्र में नाज अहमद खान के आपराधिक इतिहास को 'शून्य' दिखाया गया था, ताकि उसे आसानी से हथियार का लाइसेंस मिल सके। हैरानी की बात यह है कि आरोपी के पास पहले से भी एक आर्म्स लाइसेंस है, जिसकी जांच अब और तेज कर दी गई है।

इनाम घोषित और SIT का गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उच्चस्तरीय जांच बिठाई, जिसमें यह स्पष्ट हो गया कि अनुशंसा पत्र पूरी तरह जाली था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए साजिश में शामिल चौकीदार मनोज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी नाज अहमद खान फरार है। एसपी ने उस पर 15,000 रुपये का इनाम घोषित करते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

"यह पुलिस की साख और सरकारी प्रक्रिया के साथ गंभीर धोखाधड़ी है।

 पदाधिकारी रामशरण पासवान के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"

 स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चंपारण

अल्टीमेटम: 48 घंटे या कुर्की-जब्ती

पुलिस अधीक्षक ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि आरोपी नाज अहमद खान 48 घंटे के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध कुर्की-जब्ती जैसी कठोर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिले के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी जारी है और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से सफेदपोश अपराधियों और उनके मददगारों में हड़कंप मचा हुआ है।