स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और नेतृत्व के अनुरूप देश में, विशेषकर उत्तर प्रदेश में, बीते एक दशक से अधिक समय में खेलों के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक सुविधाएं, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की नीति ने एक मजबूत स्पोर्ट्स ईको सिस्टम तैयार किया है, जिसका लाभ युवाओं को लगातार मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को गोरखपुर के रामगढ़ताल में आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन समारोह और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने निरंतर कार्य किया है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल गतिविधियों के आयोजन के लिए उपयुक्त माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्ध है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामगढ़ताल इसका प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह स्थान गंदगी और अपराध जैसी समस्याओं से जुड़ा माना जाता था, लेकिन अब यहां राष्ट्रीय स्तर की रोइंग प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं। साथ ही, एशियाई खेलों की तैयारी के लिए राष्ट्रीय महिला टीम के प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन भी संभव हो सका है, जो क्षेत्र में हुए परिवर्तन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के करीब 20 राज्यों से आए खिलाड़ियों की भागीदारी वाली यह प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध करा रही है बल्कि युवाओं के भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों की पहचान पहले नकारात्मक कारणों से होती थी, वे आज युवाओं के सपनों और उपलब्धियों का केंद्र बन रहे हैं। ऐसे प्रयास युवाओं को अपनी क्षमता देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भविष्य तब अधिक मजबूत होता है जब उसकी युवा पीढ़ी अपनी ऊर्जा और क्षमता का उपयोग सकारात्मक दिशा में करती है। खिलाड़ियों का जीवन अनुशासन, समर्पण और टीम भावना से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को नकारात्मक प्रवृत्तियों और नशे जैसी बुराइयों से दूर रखकर समाज में सकारात्मक सोच और ऊर्जा का संचार करने में मदद करते हैं।
प्रतियोगिता के दौरान ताल में तेज हवाओं के बीच खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध साहित्यकार सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियां याद कीं — ‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’ उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करना जरूरी है, क्योंकि संघर्ष और निरंतर प्रयास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने का मूल मंत्र निरंतर कर्म और प्रयास है। उन्होंने भारतीय चिंतन परंपरा के ‘चरैवेति-चरैवेति’ सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति को अनुकूल और प्रतिकूल दोनों परिस्थितियों में आगे बढ़ते रहने के लिए स्वयं को तैयार रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और निरंतर प्रयासों के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।







