विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
तेहरान। ईरान के एक वरिष्ठ सांसद ने सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा है कि यूक्रेन अब ईरान के लिए एक “वैध सैन्य लक्ष्य” बन चुका है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख Ebrahim Azizi ने यूक्रेन पर अमेरिका और इजरायल के समर्थन में ईरान विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसी कारण ईरान की ओर से यह कड़ा रुख सामने आया है।
सोशल मीडिया पर दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने इजरायली शासन को ड्रोन सहायता प्रदान कर इस संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके अनुसार, इस कार्रवाई के कारण अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यूक्रेन का क्षेत्र अब ईरान के लिए संभावित सैन्य लक्ष्य माना जा सकता है।
ईरान का आरोप है कि यूक्रेन अपनी ड्रोन तकनीक और विशेषज्ञता का उपयोग पश्चिमी देशों और इजरायल को ईरान के खिलाफ मजबूत करने के लिए कर रहा है। तेहरान का मानना है कि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन प्रभावित हो सकता है।
हालांकि यूक्रेन ने ईरान के इस बयान को सिरे से खारिज कर दिया है। Ministry of Foreign Affairs of Ukraine ने इसे “हास्यास्पद” बताते हुए कहा कि इस तरह की धमकियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से नहीं ली जा सकतीं।
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने भी दावा किया है कि 10 से अधिक देशों ने ईरानी ड्रोन से निपटने के लिए कीव से तकनीकी सहायता मांगी है। उनका कहना है कि रूस के साथ चल रहे युद्ध के अनुभव के कारण यूक्रेन को इस क्षेत्र में विशेष विशेषज्ञता हासिल हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान से पहले से ही जटिल अंतरराष्ट्रीय हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं। पश्चिम एशिया और यूरोप से जुड़े इस विवाद को लेकर वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।







