Ad Image
Ad Image
मेरठ: भीषण आग में एक ही परिवार के 5 बच्चों समेत छह की मौत || भोपाल: खड़गे और राहुल गांधी किसान महापंचायत को करेंगे संबोधित || लुधियाना से मोतिहारी आ रही डबल डेकर बस पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पलटी || रांची से दिल्ली जा रहा एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, 7 की मौत || मैक्सिको के इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल लीडर एल मंचों की मौत, हिंसा जारी || प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

यूक्रेन संघर्ष समाप्ति के करीब अलेक्जेंडर स्टब

विदेश डेस्क, ऋषि राज

हेलसिंकी: फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने संकेत दिया है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी लंबे संघर्ष के समाप्त होने की संभावनाएं अब पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूक्रेन मिलकर क्रिसमस से पहले इस युद्ध का कोई न कोई समाधान निकालने के प्रयास कर रहे हैं।

राष्ट्रपति स्टब ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों की तुलना में वर्तमान समय में शांति या किसी अंतिम नतीजे के ज्यादा करीब पहुंचा गया है। उन्होंने कहा, “हम अब उस बिंदु के अधिक नजदीक हैं, जहां संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में ठोस प्रगति हो सकती है।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विषय पर चल रही कूटनीतिक चर्चाओं का विवरण सार्वजनिक करना अभी संभव नहीं है।

स्टब के अनुसार, यूरोपीय देश, अमेरिका और यूक्रेन इस बात को लेकर गंभीर हैं कि संघर्ष को और लंबा खींचने के बजाय किसी व्यावहारिक समाधान तक पहुंचा जाए। उन्होंने यह भी माना कि युद्ध की वजह से न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है। ऐसे में शांति स्थापित करना सभी संबंधित पक्षों के हित में है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय दबाव और युद्ध से उत्पन्न मानवीय संकट ने समाधान की दिशा में प्रयासों को तेज किया है। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं, बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है और वैश्विक स्तर पर खाद्य एवं ऊर्जा संकट गहराया है। इन परिस्थितियों ने सभी देशों को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर किया है।

हालांकि, कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि संघर्ष की जड़ें गहरी हैं और केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति से समाधान आसान नहीं होगा। क्षेत्रीय सुरक्षा, सीमाओं और संप्रभुता से जुड़े मुद्दे अब भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इसके बावजूद, मौजूदा संकेतों को सकारात्मक माना जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है। मानवाधिकार संगठनों ने युद्धविराम की अपील करते हुए कहा है कि इससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

कुल मिलाकर, राष्ट्रपति स्टब का बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए उम्मीद की एक किरण के रूप में देखा जा रहा है। यदि क्रिसमस से पहले किसी प्रकार की सहमति बनती है, तो यह यूरोप के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है और लंबे समय से जारी इस संघर्ष के अंत की शुरुआत मानी जा सकती है।