स्टेट डेस्क , आकाश अस्थाना ।
यूपी भ्रमण से लौटे मुखिया, गांवों में लागू करेंगे नए मॉडल
चार दिवसीय अध्ययन दौरे में सीखा नवाचार, अब अपने गांवों में लागू करेंगे
पटना, उत्तर प्रदेश की मॉडल ग्राम पंचायतों के भ्रमण से बिहार के पंचायत मुखिया वापस लौट आए हैं। चार दिनों के इस अध्ययन भ्रमण में उन्होंने विकास के नए मॉडल, नवाचार और सफल प्रयोगों को करीब से देखा। अब ये अनुभव अपने गांवों की पंचायतों में उतारने की तैयारी में हैं। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान 2024-25 के तहत आयोजित इस एक्स्पोज़र विजिट में बिहार के 80 मुखियाओं और पंचायती राज प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल शामिल था। बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्था के परियोजना निदेशक आईएएस अधिकारी नवीन कुमार सिंह के मार्गदर्शन में यह दौरा संपन्न हुआ।
वाराणसी में रसूलपुर पंचायत का भ्रमण
प्रतिनिधिमंडल ने पटना से यात्रा शुरू की। पहले उन्होंने वाराणसी के रसूलपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर जमीनी स्तर पर हो रहे विकास कार्यों का अध्ययन किया। यहां की योजनाओं, कार्यान्वयन और स्थानीय प्रबंधन को बारीकी से समझा।
अयोध्या में हुआ संवाद और राम मंदिर दर्शन
यात्रा के दौरान तीसरे दिन अयोध्या पहुंचे प्रतिनिधियों ने पलिया लोहानी ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत राम मंदिर का भी दौरा किया, जिसने उन्हें स्थानीय सांस्कृतिक माहौल और सामुदायिक एकता का बेहतर अहसास कराया।
विकेंद्रीकरण, जल प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन पर मिली गहन जानकारी
इस चार दिवसीय दौरे में मुखियाओं ने पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी हासिल की। इनमें संविधान की 11वीं अनुसूची के 29 विषयों का विकेंद्रीकरण, गतिविधि मानचित्रण, थीमैटिक जीपीडीपी, जल संरक्षण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्व-राजस्व स्रोत और प्रभावी कर प्रणाली शामिल रहे।
अब अपने पंचायतों में करेंगे लागू
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि यूपी की मॉडल पंचायतों में देखी गई सर्वोत्तम प्रथाएं अब वे अपने-अपने इलाकों में लागू करेंगे।
मुखियाओं का मानना है कि ऐसे अध्ययन दौरों से ग्रामीण स्तर पर स्थानीय शासन को मजबूत बनाने और विकास की नई राह खोलने में मदद मिलेगी।







