Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

यूरोपीय आयोग उपाध्यक्ष काजा़ कैलस ने पुतिन की मंशा पर उठाए सवाल

विदेश डेस्क, ऋषि राज

ब्रुसेल्स। यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलस ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हालिया युद्धविराम प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “अत्यंत कुटिल” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस की रणनीति पर यूरोपीय देशों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कैलस ने स्पष्ट किया कि यूरोप किसी भी ऐसे प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा, जो केवल समय हासिल करने या अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने का प्रयास हो।

सोमवार को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक के दौरान कैलस ने कहा कि रूस की ओर से दिए जा रहे संकेतों को केवल शब्दों के आधार पर नहीं, बल्कि उसके जमीनी कदमों के आधार पर परखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में जारी संघर्ष ने यूरोप की सुरक्षा और स्थिरता को गहराई से प्रभावित किया है, इसलिए इस मुद्दे पर एकजुट और सख्त रुख जरूरी है।

कैलस ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया, जिनमें जर्मनी के पूर्व चांसलर गेरहार्ड श्रेडर को रूस और यूरोप के बीच संभावित मध्यस्थ के रूप में देखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ की प्राथमिकता यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना है।

यूरोपीय नेताओं ने बैठक में रूस के खिलाफ प्रतिबंधों, रक्षा सहयोग और यूक्रेन को सैन्य एवं आर्थिक सहायता जारी रखने पर चर्चा की। कैलस ने कहा कि जब तक रूस अपने कदमों से वास्तविक शांति की इच्छा नहीं दिखाता, तब तक यूरोप को अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैलस का बयान यूरोप की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें रूस के प्रति कड़ा और सतर्क रुख अपनाया जा रहा है। यूक्रेन संकट के बीच यूरोपीय संघ लगातार संयुक्त रणनीति के तहत कार्य कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कूटनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।