लोकल डेस्क, एन के सिंह।
मोतिहारी पुलिस में 'सर्जिकल स्ट्राइक', SP स्वर्ण प्रभात का बड़ा एक्शन, अपराधियों के काल बनेंगे 'यंग तुर्क'।
रक्सौल:पूर्वी चंपारण की कानून व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने अब तक का सबसे बड़ा और साहसिक निर्णय लिया है। जिले के दो सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील थानों रक्सौल और मुफस्सिल,की कमान अब 'युवा जोश' के हवाले कर दी गई है। जिले में इसे पुलिसिंग का एक नया अध्याय माना जा रहा है, जहाँ अनुभव के साथ-साथ अब आधुनिक ट्रेनिंग और युवा ऊर्जा का संगम दिखेगा।
गाज गिरी और बदल गई तस्वीर: पुराने प्रभारियों की विदाई
कार्य के प्रति लापरवाही और गिरती विधि-व्यवस्था को लेकर एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुफस्सिल थाना प्रभारी अंबेश कुमार और रक्सौल थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। इस कार्रवाई ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। यह स्पष्ट संदेश है कि जो अधिकारी जनता की उम्मीदों और सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके लिए सिस्टम में कोई जगह नहीं है।
'यंग ब्रिगेड' की एंट्री: अपराधियों में खौफ का माहौल
पुलिस मुख्यालय ने सीमावर्ती और रणनीतिक क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए दो बेहद तेज-तर्रार प्रशिक्षु अधिकारियों पर भरोसा जताया हैं,सामरिक रूप से अति-संवेदनशील और भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल थाने की जिम्मेदारी अब प्रशिक्षु IPS हेमंत कुमार के कंधों पर है। एक IPS अधिकारी की फील्ड में तैनाती से सीमा पार होने वाली तस्करी, जाली नोटों के धंधे और घुसपैठ जैसी चुनौतियों पर सीधी नकेल कसी जाएगी।
मुफस्सिल थाना (जिले का केंद्र): शहर से सटे और अपराध की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण मुफस्सिल थाने की कमान प्रशिक्षु DSP प्रियंका कुमारी को सौंपी गई है। प्रियंका कुमारी की कार्यशैली और उनकी ऊर्जा से अपराधियों के मंसूबे पस्त होने तय माने जा रहे हैं।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने साफ कर दिया है कि जिले में अपराध और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। रक्सौल में IPS की तैनाती से अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के सिंडिकेट को तोड़ने की रणनीति बनाई गई है। युवा अधिकारियों के आने से जनता और पुलिस के बीच संवाद बढ़ेगा और कामकाज में तेजी आएगी।
पुराने प्रभारियों पर गाज गिरना बताता है कि अब केवल प्रदर्शन (Performance) ही टिकने का आधार होगा।
जनता की उम्मीदें: क्या बदलेगी तस्वीर?
स्थानीय नागरिकों के बीच इस फैसले की जमकर सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि हेमंत कुमार और प्रियंका कुमारी जैसे होनहार अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस की साख और मजबूत होगी। आम जनता को उम्मीद है कि अब थानों में उनकी सुनवाई त्वरित होगी और रसूखदारों के बजाय न्याय का बोलबाला होगा।
अब मोतिहारी की सड़कों पर अपराधियों के लिए 'नो एंट्री' का बोर्ड लग चुका है। देखना यह है कि यह 'यंग ब्रिगेड' अपनी पहली बड़ी परीक्षा में कितनी खरी उतरती है, लेकिन एक बात साफ है मोतिहारी पुलिस अब पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में है।







