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रक्सौल नगर परिषद की मुख्य पार्षद बर्खास्त, 6.63 करोड़ की खरीद में नियमों की अनदेखी का आरोप

लोकल डेस्क, एन.के. सिंह |

पूर्वी चंपारण: नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार ने रक्सौल नगर परिषद की मुख्य पार्षद धुरपति देवी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई उप मुख्य पार्षद पुष्पा देवी की शिकायत पर हुई जाँच में आरोप साबित होने के बाद की गई।

जाँच में पाया गया कि धुरपति देवी ने समूह ‘ग’ और ‘घ’ में 38 पदों पर अवैध बहाली की, बोर्ड की अनुमति के बिना 6 करोड़ 63 लाख 99 हजार 500 रुपये की सामग्री GeM पोर्टल से खरीदी, और पिछले 9 महीने से अधिक समय तक बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई।

शिकायत के अनुसार, उन्होंने सशक्त स्थायी समिति के माध्यम से ही अधिकांश कार्य कराए और 12 अक्टूबर 2023 को हुई बोर्ड बैठक में सामग्री खरीद के निर्णय को अगली बैठक में अनुमोदित नहीं कराया। यह बिहार नगरपालिका सशक्त स्थायी समिति कार्य संचालन नियमावली, 2010 और बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 48 का उल्लंघन था।

स्पष्टीकरण में धुरपति देवी ने कहा कि निर्णय सामूहिक रूप से लिए गए थे और वित्तीय शक्तियाँ कार्यपालक पदाधिकारी के पास थीं। उन्होंने बीमारी और चुनाव आचार संहिता के कारण बैठकें न होने का कारण बताया, लेकिन विभाग ने उनका स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया।

विभागीय समीक्षा में उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से इंकार करने और दुराचार का दोषी मानते हुए बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 25 (4) के तहत पद से हटा दिया गया।