स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
क्या सच में गैस की किल्लत? मंत्री ने किया बड़ा खुलासा, जानिए पूरी सच्चाई
- शुरू हुआ जिलास्तरीय कंट्रोल रूम, अब तेजी से होगी रसोई गैस से जुड़ी समस्याओं का समाधान
- रसोई गैस के उपभोक्ताओं की परेशानी दूर करने के लिए राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम भी है कार्यरत
- कालाबाजारी पर रोक के लिए सभी डीएम एवं एसपी को दिए गए हैं आवश्यक निर्देश
पटना, राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। इसकी कोई कमी कहीं नहीं है। यें बातें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने मंगलवार को राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम के निरीक्षण के बाद कहीं।
इस दौरान उन्होंने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि भ्रामक एवं अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे विभाग द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्ष एवं जिलों में स्थापित नियंत्रण कक्ष के टेलीफोन नंबर पर संपर्क करें।
गौरतलब है कि राज्य में रसोई गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान करने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम का संचालन कर रहा है। विभाग की मंत्री ने बताया है कि उपभोक्ताओं की सुविधा एवं शिकायतों के शीघ्र निवारण के लिए राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 0612-2233050 है। यह नियंत्रण कक्ष प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कार्य करता है। उन्होंने जानकारी दी कि आज से इस नंबर पर पांच हंटिंग लाइन की सुविधा भी प्रारंभ कर दी गई है, जिससे अधिक संख्या में उपभोक्ताओं की कॉल का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।
जिलों में भी बनाया गया है कंट्रोल रूम
मंत्री लेशी सिंह ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में भी जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां उपभोक्ता अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। इन नियंत्रण कक्षों के टेलीफोन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न प्रचार माध्यमों से कराया जा रहा है, ताकि आम लोग इन नियंत्रण कक्ष में कॉल कर एलपीजी से संबंधित अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकें।
इस मौके पर विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है तथा कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाने के लिए सभी जिला पदाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों एवं शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त भंडार राज्य में उपलब्ध है, जिससे आमजनों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता अंतिम डिलीवरी के 25 दिनों के बाद तथा ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता 45 दिनों के बाद नए गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। विभाग ने आमजनों से अपील किया है कि उपभोक्ता संयम बनाए रखें तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष का उपयोग करें।







