Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

राज्यसभा में उठा 28 दिन के मोबाइल रिचार्ज और इनकमिंग कॉल बंद होने का मुद्दा

नेशनल डेस्क , रानी कुमारी

राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद  राघव चड्ढा ने मोबाइल रिचार्ज की 28 दिन वाली वैधता और रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल बंद होने के मुद्दे को  उठाया। उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों की इस व्यवस्था को उपभोक्ताओं के लिए अनुचित बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।

 राघव चड्ढा ने  कहा कि देश में करीब 125 करोड़ मोबाइल उपयोगकर्ता हैं, जिनमें लगभग 90 प्रतिशत लोग प्रीपेड कनेक्शन का उपयोग करते हैं। ऐसे में रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल और एसएमएस तक बंद कर देना आम उपभोक्ताओं के लिए गंभीर समस्या बन जाता है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन केवल संचार का माध्यम नहीं बल्कि लोगों की डिजिटल पहचान और जीवनरेखा बन चुका है। बैंकिंग ओटीपी, डिजिटल भुगतान, सरकारी सेवाओं की जानकारी और नौकरी से जुड़े महत्वपूर्ण कॉल भी मोबाइल नंबर पर ही आते हैं। ऐसे में इनकमिंग कॉल बंद होने से लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान राघव चड्डा ने कहा कि मोबाइल कंपनियां 28 दिन की वैधता वाले प्लान देकर उपभोक्ताओं को साल में 12 की जगह 13 बार रिचार्ज कराने के लिए मजबूर करती हैं। 

उन्होंने सदन में कहा कि जब अधिकांश सेवाएं—जैसे वेतन, मकान किराया, बिजली-पानी का बिल और बैंक की ईएमआई—कैलेंडर महीने (30 या 31 दिन) के आधार पर तय होती हैं, तो मोबाइल सेवाओं की वैधता 28 दिन क्यों रखी जाती है।  

राज्यसभा में चर्चा के दौरान राघव चड्डा  ने सरकार से उपभोक्ताओं के हित में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि—

मोबाइल रिचार्ज की वैधता कैलेंडर महीने (30 या 31 दिन) के आधार पर तय की जानी चाहिए।

रिचार्ज समाप्त होने के बाद भी इनकमिंग कॉल और एसएमएस कुछ समय तक जारी रहने चाहिए।

टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट नियम और दिशानिर्देश बनाए जाने चाहिए।

संसद में यह मुद्दा उठने के बाद मोबाइल रिचार्ज प्रणाली और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस विषय पर नियामकीय स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाते हैं, तो देश के करोड़ों प्रीपेड मोबाइल उपयोगकर्ताओं को राहत मिलगी।