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ललन सिंह के इनकार के बाद आरसीपी सिंह का सॉफ्ट स्टैंड, जन्मदिन की बधाई से दिए सियासी संकेत

स्टेट डेस्क - वेरॉनिका राय

जदयू में वापसी की अटकलों के बीच आरसीपी सिंह ने दिखाई नरमी, विवाद शांत करने की कोशिश मानी जा रही है

पटना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को उनके जन्मदिन पर बधाई दी है। यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही ललन सिंह ने आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया था।

दरअसल, हाल के दिनों में आरसीपी सिंह के जदयू में दोबारा शामिल होने की चर्चाएं तेज थीं। पटेल छात्रावास में आयोजित दही-चूड़ा भोज के बाद इन अटकलों को और हवा मिली। इसी कड़ी में चार दिन पहले जब ललन सिंह से आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, ललन सिंह ने 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू की हार के लिए आरसीपी सिंह की भूमिका का भी जिक्र कर दिया और उन्हें काफी हद तक जिम्मेदार ठहराया।

इसके अगले दिन राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार ने भी बयान देते हुए कहा था कि अब जदयू को आरसीपी सिंह की कोई जरूरत नहीं है। इन बयानों के बाद यह माना जाने लगा कि दोनों नेताओं के बीच तल्खी और बढ़ गई है।

हालांकि, शनिवार को आरसीपी सिंह ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर ललन सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं देकर एक अलग ही संदेश दे दिया। उन्होंने ललन सिंह के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की। राजनीतिक गलियारों में इस कदम को विवाद को आगे न बढ़ाने और रिश्तों में नरमी दिखाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

इससे पहले सरस्वती पूजा के दिन एक कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया ने आरसीपी सिंह से ललन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि वे कभी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अलग नहीं हुए हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि नीतीश कुमार की तरह वे भी पटना के प्रसिद्ध साइंस कॉलेज के छात्र रह चुके हैं, जिससे उनके पुराने और करीबी संबंधों का संकेत मिलता है।