Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

लू से निपटने की तैयारी तेज, संयुक्त सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

-सभी जिलों से नियमित रिपोर्ट मांगी, स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट
-फसल क्षति आकलन और मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश

पटना, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह के निर्देशानुसार विभागीय संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में लगातार गिरते भूजल स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। संयुक्त सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। विशेष रूप से संवेदनशील पंचायतों की पहचान कर वहां जागरुकता अभियान चलाने और स्थानीय स्तर पर प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। 
  
संवेदनशील पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश     

श्री सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की नियमित मॉनिटरिंग विभाग के सचिव स्तर पर की जाएगी  ताकि समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाया जा सके। उन्होंने हाल के दिनों में आए आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। संयुक्त सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसल क्षति का आकलन शीघ्र पूरा कर प्रभावित किसानों को निर्धारित मुआवजा राशि का त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसी प्रकार अगलगी की घटनाओं में प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान की राशि,  बर्तन-वस्त्र एवं गृह क्षति के लिए दी जाने वाली सहायता का भुगतान बिना किसी विलंब के किया जाए।

संयुक्त सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट नियमित रूप से विभाग को भेजें, ताकि विभागीय स्तर पर समुचित समीक्षा एवं आवश्यक निर्णय लिए जा सके। उन्होंने गर्मी के मौसम को देखते हुए लू (हीटवेव) की संभावित स्थिति पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कहा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लू से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करें। 

पेयजल, छाया और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर        

इसमें पेयजल की उपलब्धता, सार्वजनिक स्थानों पर छाया की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता एवं जन-जागरुकता अभियान शामिल हैं। बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग,  राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, राज्य आपदा मोचन बल एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके साथ सभी जिलों के अपर समाहर्ता (आपदा), सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुड़े।