लोकसभा में लोकतंत्र खतरे में: के.सी. वेणुगोपाल का सत्ता पक्ष और स्पीकर पर तीखा हमला
नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
कांग्रेस नेता और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में लोकसभा की कार्यवाही 'एकतरफा' हो गई है, जहाँ विपक्ष के लिए अपनी बात रखने की कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष का नेता (LoP) असल में एक 'शैडो प्रधानमंत्री' (Shadow Prime Minister) होता है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार को जवाबदेह बनाना है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि जब भी विपक्ष के नेता बोलने के लिए खड़े होते हैं, उनका माइक बंद कर दिया जाता है और उन्हें अपनी बात पूरी करने का एक सेकंड भी मौका नहीं दिया जाता।
वेणुगोपाल ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जहाँ एक ओर सत्ता पक्ष के सदस्यों को अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणियां करने की पूरी आजादी है, वहीं विपक्ष को महत्वपूर्ण मुद्दों, जैसे हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, पर चर्चा करने से भी रोका जा रहा है। उन्होंने इसे संसदीय नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि सदन अब केवल सत्ता पक्ष के एजेंडे को चलाने का केंद्र बन गया है।
कांग्रेस महासचिव ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की तटस्थता पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वयं स्पीकर ने कांग्रेस की महिला सांसदों पर प्रधानमंत्री के प्रति आक्रामक व्यवहार के आरोप लगाए हैं। वेणुगोपाल ने सवाल उठाया कि क्या स्पीकर के पास इन आरोपों के कोई सबूत हैं? उन्होंने आगे कहा कि "प्रधानमंत्री, जो 56 इंच के सीने की बात करते हैं, क्या वे कुछ महिला सांसदों से डरकर सदन में नहीं आ रहे?"
इन परिस्थितियों को देखते हुए विपक्षी दल अब एकजुट हैं। वेणुगोपाल ने संकेत दिया कि सभी विपक्षी दल इस स्थिति से पीड़ित हैं और उन्होंने एक संयुक्त रणनीति तैयार की है। जब उनसे लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "कार्रवाई का इंतजार करें, आपको जल्द ही पता चल जाएगा।" यह बयान संकेत देता है कि आने वाले दिनों में संसद में घमासान और बढ़ सकता है।







