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वन स्टॉप सेंटर कर्मियों के लिए 5 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, सेवा गुणवत्ता पर फोकस

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

- इनमें केंद्र प्रशासक, केस वर्कर, मनो-सामाजिक परामर्शी और  कंप्यूटर ऑपरेटर सह कार्यालय सहायक शामिल

पटना, समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से 26 अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर्स में कार्यरत कर्मियों के लिए 5 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया गया है।

यह प्रशिक्षण पटना स्थित दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में 23 अप्रैल से 27 अप्रैल तक आयोजित की गई है। प्रशिक्षण में केंद्र प्रशासक, केस वर्कर, मनो-सामाजिक परामर्शी और  कंप्यूटर ऑपरेटर सह कार्यालय सहायक शामिल हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इन कर्मियों की कार्यकुशलता, संवेदनशीलता और सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता को अधिक सुदृढ़ करना है। ताकि हिंसा से प्रभावित महिलाओं एवं बच्चों को प्रभावी, संवेदनशील और समयबद्ध सहायता मिल सके। 

कर्मियों की क्षमता, संवेदनशीलता और सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष जोर     

वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा (शारीरिक, मानसिक, यौनिक, आर्थिक या घरेलू) के मामलों में एकीकृत सहायता प्रदान करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र है। इन केंद्रों के तहत पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा सहायता, मनो-सामाजिक परामर्श, अस्थायी आश्रय (शेल्टर), पुलिस सहायता और डिजिटल और प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है। यह केंद्र महिलाओं को सुरक्षित, गोपनीय और सम्मानजनक वातावरण में त्वरित सहायता सुनिश्चित करते है। राज्य सरकार ने हाल ही में 26 नए अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर स्थापित किये है, जिससे सेवा नेटवर्क का और विस्तार हो रहा है।

प्रशिक्षण का महत्व और फोकस क्षेत्र 

महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से आयोजित इस 5 दिवसीय प्रशिक्षण में कर्मियों को बेहतर केस मैनेजमेंट, मनो-सामाजिक परामर्श की उन्नत क्षमता, डिजिटल दक्षता, कंप्यूटर आधारित कार्यालय प्रबंधन, संवेदनशीलता एवं पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण तथा समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा वितरण जैसे कौशलों पर जोर दिया जाएगा। इससे माध्यम से पीड़ित महिलाओं और बच्चों को न केवल त्वरित मदद मिलेगी, बल्कि उनकी पुनर्वास प्रक्रिया भी मजबूत होगी। 

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, कार्यशाला और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य में महिला सशक्तीकरण और हिंसा पीड़ितों की सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर योजना केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'महिला सशक्तीकरण' अभियानों से जुड़ी हुई है। राज्य सरकार इन केंद्रों को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।