मुस्कान कुमारी, स्टेट डेस्क
वायनाड (केरल)।केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-led UDF की बड़ी जीत के बाद CM पद को लेकर पार्टी में घमासान शुरू हो गया है। राहुल गांधी की सलाह के बावजूद वायनाड में पोस्टर लगाकर केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने का विरोध किया जा रहा है और चेतावनी दी गई है कि वायनाड अमेठी बन सकता है।
केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की दौड़ ने पार्टी की जीत की खुशी को छीन लिया है। प्रियंका गांधी वाद्रा के संसदीय क्षेत्र वायनाड में लगे पोस्टरों में सीधे राहुल और प्रियंका गांधी को निशाना बनाया गया है।
एक पोस्टर में लिखा है- “श्री राहुल, केसी आपके बैग वाहक हो सकते हैं, लेकिन केरल की जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी।” दूसरे पोस्टर पर साफ चेतावनी है- “वायनाड अगला अमेठी बन सकता है।”
कांग्रेस हाईकमान का फैसला
पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री पद के लिए समर्थन दे रहा है। वेणुगोपाल, जो दिल्ली में कांग्रेस महासचिव हैं, को केरल के अधिकांश विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।
मुख्यमंत्री पद के अन्य दावेदार वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला के समर्थकों ने भी अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। सतीशन के समर्थक पोस्टर, प्रदर्शन और दबाव की रणनीति अपना रहे हैं।
राहुल गांधी की चेतावनी बेअसर
कुछ दिन पहले तीनों दावेदारों के साथ बैठक में राहुल गांधी ने पोस्टर युद्ध और दबाव की राजनीति न करने की सख्त हिदायत दी थी। लेकिन यह चेतावनी सिरे से नजरअंदाज कर दी गई।
केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने की योजना के तहत वीडी सतीशन को कैबिनेट में अहम पद और रमेश चेन्निथला को स्पीकर बनाने का प्रस्ताव है। हालांकि सतीशन साफ कह चुके हैं कि वे मुख्यमंत्री पद के अलावा कुछ नहीं स्वीकार करेंगे।
परिस्थिति जटिल
केरल में 10 साल बाद वामपंथी सरकार को हराने के बाद कांग्रेस गठबंधन UDF में उत्साह था, लेकिन CM चयन को लेकर आठ दिन बीत जाने के बावजूद फैसला नहीं हो सका है। इस देरी पर भाजपा ने भी तंज कसा है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस में पांच साल में पांच मुख्यमंत्री बनाने की योजना नजर आ रही है।
वेनुगोपाल के समर्थन में तिरुवनंतपुरम के पार्टी कार्यालयों में पोस्टर लगाए गए हैं, जबकि सतीशन गुट अपनी ताकत दिखाने में जुटा है। सतीशन के पास IUML जैसे सहयोगी का भी समर्थन है और उन्हें जनता की पसंद माना जा रहा है।
कांग्रेस हाईकमान अब इस गतिरोध को तोड़ने के लिए लगातार बैठकें कर रहा है। पार्टी नेतृत्व इस बात से भी वाकिफ है कि सतीशन को नाराज करने से केरल में नुकसान हो सकता है।







