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विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' को बड़ा झटका

एंटरटेनमेंट डेस्क, मुस्कान कुमारी।

चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' को सेंसर सर्टिफिकेट देने के मामले में सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया। डिवीजन बेंच ने सीबीएफसी को जवाब दाखिल करने का मौका देते हुए केस को फिर से सिंगल जज के पास भेज दिया, जिससे फिल्म की रिलीज में और देरी हो गई।

यह फैसला फिल्म निर्माताओं के लिए करारा झटका है, क्योंकि 'जन नायकन' तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय की राजनीति में पूर्ण प्रवेश से पहले की आखिरी फिल्म है। मूल रूप से 9 जनवरी को पोंगल पर रिलीज होने वाली यह फिल्म अब फरवरी की शुरुआत में ही थिएटर्स में आ पाएगी, अगर सब ठीक रहा तो।

कानूनी जंग में नया मोड़

मंगलवार को चीफ जस्टिस मणिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की बेंच ने सीबीएफसी की अपील पर सुनवाई करते हुए सिंगल जस्टिस पीटी आशा के 9 जनवरी के आदेश को पलट दिया। बेंच ने कहा कि फिल्म में विदेशी ताकतों द्वारा देश में अशांति फैलाने और सेना की नकारात्मक छवि दिखाने जैसे गंभीर आरोप हैं, इसलिए सीबीएफसी को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का पूरा मौका मिलना चाहिए।

अतिरिक्त एडवोकेट जनरल ए आर एल सुंदरेशन ने कोर्ट में कहा कि सिंगल जज ने बिना बोर्ड की दलील सुने ही फैसला सुना दिया। उन्होंने जोड़ा कि रिवाइजिंग कमिटी को फैसला लेने के लिए 20 दिनों का समय मिला था, जो 26 जनवरी तक पूरा हो चुका था। अब सिंगल जज नई सुनवाई करेंगे, जिससे रिलीज की तारीख अनिश्चित हो गई है।

निर्माताओं की दलीलें: 'खाली व्यायाम'

फिल्म के वकील सीनियर एडवोकेट सतीश परासरन ने तर्क दिया कि सीबीएफसी की रीजनल ऑफिस ने सर्वसम्मति से यू/ए सर्टिफिकेट की सिफारिश की थी। लेकिन एक सदस्य की शिकायत पर चेयरमैन ने रिव्यू के लिए भेज दिया, जो कानून के खिलाफ है। परासरन ने कहा, "हमने आपत्तिजनक सीन काट दिए, लेकिन बोर्ड फिर से उन्हें जोड़कर सबमिट करने और दोबारा काटने को कह रहा है। यह बेकार का व्यायाम है।"

निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था, लेकिन 15 जनवरी को वहां से भी राहत नहीं मिली। कोर्ट ने केस को वापस मद्रास हाईकोर्ट भेज दिया। अब फरवरी के पहले हफ्ते में रिलीज की उम्मीदें कमजोर पड़ गई हैं।

टाइमलाइन: एक महीने की उलझन

18 दिसंबर को फिल्म सीबीएफसी को सबमिट हुई। 22 दिसंबर को एग्जामिनिंग कमिटी ने 14 कट्स के साथ यू/ए 16+ सर्टिफिकेट सुझाया। 24 दिसंबर को संशोधित वर्जन जमा किया गया। 5 जनवरी को शिकायत के आधार पर रिवाइजिंग कमिटी में भेजा गया। 6 जनवरी को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल। 9 जनवरी को सिंगल जज ने सर्टिफिकेट का आदेश दिया, लेकिन उसी दिन डिवीजन बेंच ने स्टे लगा दिया। 20 जनवरी को सुनवाई आरक्षित हुई, और 27 जनवरी को यह फैसला आया।

विजय की विदाई फिल्म का हंगामा

'जना नायक' एच विनोथ के निर्देशन में बनी है, जिसमें पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, प्रकाश राज, प्रियामणि, नारायण, गौतम वासुदेव मेनन और मामीथा बैजू जैसे कलाकार हैं। लोकेश कनगराज ने कैमियो किया है। विजय ने इसे अपनी आखिरी फिल्म बताया, जो 2026 तमिलनाडु चुनावों से पहले राजनीतिक सफर की शुरुआत का प्रतीक बनेगी।

निर्देशक विनोथ ने हाल ही में कहा था कि विजय के साथ काम करना 84 फिल्में देखने जैसा था। वे लाइटिंग, लेंस और शॉट्स के जानकार हैं। लेकिन सेंसर विवाद ने इस विदाई को विवादास्पद बना दिया। फैंस सोशल मीडिया पर नाराज हैं, तो कुछ यूजर्स कह रहे हैं कि चुनाव के बाद रिलीज होनी चाहिए।

रिलीज की उम्मीदें

अगर सिंगल जज जल्द फैसला देते हैं, तो 30 जनवरी या 6 फरवरी को रिलीज संभव है। लेकिन देरी से बॉक्स ऑफिस पर असर पड़ सकता है। निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस ने ऑडियो लॉन्च 27 दिसंबर को धूमधाम से किया था, लेकिन सर्टिफिकेट न मिलने से पोस्टर स्थगित हो गया।

यह मामला सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। क्या फिल्म की राजनीतिक थीम ने विवाद खड़ा किया? अगली सुनवाई का इंतजार अब सभी को है।