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विमुक्त बाल श्रमिकों के सम्मानजनक पुनर्वास पर सरकार का जोर

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना 

-    “बंधन से सम्मान तक - पुनर्वास और अधिकारों को मजबूत करने” विषय पर कार्यक्रम आयोजित

-    बाल श्रम से विमुक्त बच्चों के पुनर्वास में कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की रणनीति पर हुई विस्तृत चर्चा

पटना, बाल श्रम से विमुक्त बच्चों के समुचित पुनर्वास में शेष रह गई कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की रणनीति पर सोमवार को राजधानी के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा “बंधन से सम्मान तक : पुनर्वास और अधिकारों को मजबूत करने” सम्बंधी विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम से विमुक्त बच्चों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना तथा उनके अधिकारों को सशक्त बनाना रहा।

कार्यक्रम में विमुक्त बच्चों के समुचित पुनर्वास में रह गई कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार के अवसर तथा सामाजिक पुनर्स्थापन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष बल दिया गया, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर श्रमायुक्त राजेश भारती ने कहा कि हमारा विभाग श्रमिकों को समान अधिकार मिले, इस पर विशेष कार्य कर रही है। हमारे श्रमिक मजबूर नहीं बल्कि मजबूत बन रहे हैं। बाल श्रमिक, बंधुआ मजदूर, संगठित, असंगठित श्रेणी के मजदूर, शिल्पकारों को उचित सम्मान मिले, इसके लिए विभाग द्वारा कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। विभाग द्वारा विमुक्त कराए गए बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ किया जा रहा है, जहां उनको शिक्षा और कौशल विकास के विशेष अवसर प्राप्त होंगे। जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। वयस्क विमुक्त श्रमिकों के लिए ट्रेनिंग अथवा नवीनतम टूल्स की जानकारी मुहैया करवाने के लिए समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। साथ ही, बाल श्रमिकों का डाटा भी तैयार किया जा रहा है, ताकि उनकी पात्रता के मुताबिक बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें और उनके परिवार को मिल सके। 
    

इंटरनेशनल चाइल्ड लेबर एक्सपर्ट बेंजामिन पुटर ने भी इस कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि राज्य सरकार और विभाग विमुक्त बाल श्रमिकों के लिए अच्छा कार्य कर रही है। सर्टिफिक्स के चीफ कॉर्डिनेटर एंड ऑडिटर एंड द फ्रॉम द पास्ट इंट टू द फ्यूचर के राजनाथ ने विमुक्त बच्चों द्वारा गठित समूहों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों की तस्करी (ट्रैफिकिंग) की रोकथाम, समुदाय में जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में अग्रणी कार्यकर्ता के रूप में सशक्त बनाने पर बल दिया। 

23 बाल श्रमिक और बंधुआ मजद्दोर सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान बंधन से मुक्त 23 बाल श्रमिकों और बंधुआ मजदूरों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। उक्त अवसर पर अपर श्रमायुक्त विजय कुमार, संयुक्त श्रमायुक्त राजेश कुमार, उप श्रमायुक्त पटना अकबर जावेद के साथ विभागीय पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों एवं विमुक्त बच्चों ने सहभागिता निभाई तथा अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए।