स्टेट डेस्क, रानी कुमारी |
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार सुबह जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रंस अलायंस एवं गायत्री सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में बाल श्रम उन्मूलन और बाल अधिकारों के प्रति जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से साइकिल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली की शुरुआत सीकर शहर स्थित पुलिस लाइन से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
जागरूकता साइकिल रैली को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) डॉ. तेजपाल सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी गोयल तथा बाल अधिकारिता विभाग की अधिकारी गार्गी शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करती हुई पुनः पुलिस लाइन ग्राउंड पहुंची।
इस अवसर पर एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए गंभीर चुनौती है और इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर बच्चों से मजदूरी करवाई जाती है, जो न केवल उनके बचपन को छीनती है बल्कि उनके भविष्य को भी प्रभावित करती है। ऐसे में आमजन को जागरूक करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें श्रम में झोंकने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद और नैतिक मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता है। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक बचपन मिलना चाहिए, ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सके और देश के विकास में योगदान दे सके।
डॉ. तेजपाल सिंह ने बताया कि बाल श्रम करवाना कानूनन अपराध है। इसे रोकने के लिए पुलिस विभाग की ह्यूमन राइट्स एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।
कार्यक्रम के दौरान साइकिलिंग के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। एडिशनल एसपी ने कहा कि साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इससे व्यक्ति शारीरिक रूप से फिट रहता है, पर्यावरण प्रदूषण कम होता है और पेट्रोल-डीजल की बचत भी होती है। इसलिए लोगों को दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
रैली के समन्वयक अभिषेक बगड़िया ने बताया कि इस जन जागरूकता अभियान का उद्देश्य समाज को बाल श्रम के खिलाफ संवेदनशील बनाना और प्रत्येक बच्चे के शिक्षा, सुरक्षा तथा संपूर्ण बचपन के अधिकार के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज बाल श्रम के खिलाफ एकजुट नहीं होगा, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
रैली के समापन पर प्रतिभागियों ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन और बाल अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनभागीदारी का संदेश दिया गया।







