Ad Image
Ad Image
मेरठ: भीषण आग में एक ही परिवार के 5 बच्चों समेत छह की मौत || भोपाल: खड़गे और राहुल गांधी किसान महापंचायत को करेंगे संबोधित || लुधियाना से मोतिहारी आ रही डबल डेकर बस पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पलटी || रांची से दिल्ली जा रहा एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, 7 की मौत || मैक्सिको के इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल लीडर एल मंचों की मौत, हिंसा जारी || प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

वैश्विक अनिश्चितता के बीच शेयर बाजारों में लगातार तीसरी गिरावट

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

मुंबई, 21 जनवरी। घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को दिनभर भारी उतार-चढ़ाव के बाद प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे दिन गिरावट में बंद हुए।

घरेलू मोर्चे पर रुपये पर बने दबाव का असर बाजार की धारणा पर दिखाई दिया। रुपया मंगलवार की तुलना में 64 पैसे कमजोर होकर 91.61 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। दिन के कारोबार में यह 91.7475 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक फिसल गया, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। ग्रीनलैंड से जुड़े मुद्दे पर वैश्विक अनिश्चितता के चलते भी निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 386 अंकों की गिरावट के साथ खुला। कारोबार के दौरान यह दोपहर से पहले 81,124.45 अंक तक लुढ़का और बाद में 82,407.05 अंक तक संभला। इस तरह एक ही सत्र में सेंसेक्स ने 1,282 अंकों का उतार-चढ़ाव दर्ज किया।

अंततः सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले 270.84 अंक यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 81,909.63 अंक पर बंद हुआ। यह 8 अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स में 1,066 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी दिन में 312 अंकों तक टूटने के बाद अंत में 75 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 25,157.50 अंक पर बंद हुआ। यह सूचकांक का 14 अक्टूबर 2025 के बाद का निचला स्तर है।

मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में दबाव अधिक रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.10 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.90 प्रतिशत टूट गया।

सेक्टोरल आधार पर धातु (0.57 प्रतिशत) और तेल एवं गैस (0.27 प्रतिशत) सूचकांकों में तेजी रही, जबकि अन्य सभी सेक्टरों में गिरावट देखी गई। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, सार्वजनिक बैंक, वित्तीय सेवाएं, रसायन और रियल्टी सेक्टरों में ज्यादा दबाव रहा।

एनएसई में कुल 3,299 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से 2,139 शेयर गिरावट में और 1,078 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 82 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में 1.96 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ट्रेंट 1.78 प्रतिशत, बीईएल 1.59 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 1.18 प्रतिशत और एलएंडटी में भी गिरावट रही। भारतीय स्टेट बैंक, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। वहीं, इटरनल का शेयर 4.98 प्रतिशत की सबसे अधिक तेजी के साथ बंद हुआ।

अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.57 प्रतिशत और इंडिगो में 1.37 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी पोर्ट्स, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, टीसीएस और भारती एयरटेल के शेयरों में भी तेजी रही।

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशिया में जापान का निक्केई 0.41 प्रतिशत टूट गया। हांगकांग का हैंगसेंग 0.37 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.88 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.24 प्रतिशत गिरावट में था।