Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

शहद से मीठी होगी किसानों की कमाई? सरकार ने बनाई नई व्यवस्था

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना |

  • सहकारिता महकमा किसानों के उत्पादित शहद की बिक्री के लिए उठा रहा है कई कदम 
  • राज्य के 144 प्रखंडों में बन चुकी है प्रखंड स्तरीय शहद उत्पादक और प्रसंस्करण समिति 
  • राज्य स्तर पर बिहार राज्य शहद उत्पादक और प्रसंस्करण फेडरेशन का भी हो चुका है गठन

पटना। शहद उत्पादक किसानों को आर्थिक मजबूती देने के लिए बिहार सरकार ने बड़ी पहल की है। किसानों को उनके द्वारा उत्पादित शहद का अधिकतम मूल्य प्राप्त हो सके इसके लिए सहकारिता विभाग ने 144 प्रखंड स्तरीय शहद उत्पादक एवं प्रसंस्करण समितियों का गठन किया है। ये समितियां किसानों को संगठित रूप से उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन में सहायता प्रदान करेगी।
      
विभाग के प्रयास से राज्य स्तर पर बिहार राज्य शहद उत्पादक एवं प्रसंस्करण फेडरेशन का भी गठन हो चुका है। यह फेडरेशन प्रखंड स्तरीय समितियों को एक मंच प्रदान करेगा, जिससे शहद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, ब्रांडिंग, बड़े बाजारों तक पहुंच और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
      
साथ ही कृषि विभाग, उद्योग विभाग और कॉम्फेड (सुधा) के बीच शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समेकित प्रयास करने पर सहमति बनी है। इससे किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, बेहतर उपकरण और बाजार लिंकेज मिलेगा।

विशेष है बिहार का शहद

मुजफ्फरपुर, वैशाली और समस्तीपुर लीची के अपने बड़े-बड़े बागों के लिए जाने जाते हैं। लीची का शहद बिहार के सबसे लोकप्रिय शहद में से एक है और अपने अनोखे स्वाद के लिए इसकी बहुत मांग है। सरसों का शहद व्यापक रूप से सरसों की खेती वाले क्षेत्रों जैसे नालंदा और पटना में उत्पादित किया जाता है, इसी तरह औरंगाबाद और रोहतास में तिल का शहद भी उत्पादित किया जाता है।
     
बिहार में लीची, सरसों, तिल और सूरजमुखी जैसी फसलों की वजह से शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार के प्रयास से बिहार शहद उत्पादन में निरंतर आगे बढ़ रहा है, देश में यह शहद उत्पादन में चौथे स्थान पर है। राज्य सरकार सहकारिता मॉडल के जरिए किसानों की मध्यस्थों पर निर्भरता कम करना चाहती है। सरकार की कोशिश है कि किसानों की पहुंच उपभोक्ताओं या बड़े खरीदारों तक हो ताकि उनकी आय में वृद्धि हो।