लोकल डेस्क, एन के सिंह।
जब रंगों के बीच पहरा दे रही थी कर्तव्यनिष्ठा, तब 'अदृश्य सुरक्षा चक्र' में सुरक्षित था पूरा चंपारण
पूर्वी चंपारण/बेतिया/बगहा): इस बार चंपारण की फिजाओं में घुला होली का रंग केवल उत्साह का नहीं, बल्कि अटूट भरोसे का भी था। जहाँ एक ओर जनता फाग के गीतों और गुलाल में सराबोर थी, वहीं दूसरी ओर चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय के नेतृत्व में खाकी एक अभेद्य सुरक्षा चक्र बनकर सीमाओं और सड़कों पर मुस्तैद थी। उनके कुशल मार्गदर्शन और तीनों जिलों के पुलिस कप्तानों की 'सटीक फील्डिंग' का ही परिणाम रहा कि पूरे क्षेत्र में भाईचारे का गुलाल शांतिपूर्वक उड़ा।
DIG का 'मास्टर प्लान': असामाजिक तत्वों के मंसूबे हुए पस्त
होली से हफ़्तों पहले ही DIG हरकिशोर राय ने सुरक्षा का एक ऐसा 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया था, जिसने ज़मीनी स्तर पर पुलिसिंग की परिभाषा बदल दी। उनके प्रभावी पर्यवेक्षण ने अधिकारियों के बीच ऐसा तालमेल बैठाया कि हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों को सिर उठाने का मौका तक नहीं मिला।
"त्योहार की असली सफलता जनता के चेहरे की मुस्कान और सड़कों पर कायम अमन-चैन है।" इसी मूलमंत्र के साथ DIG के मार्गदर्शन में तीनों जिलों की पुलिस मैदान में उतरी थी।
तीन 'सेनापति', एक लक्ष्य: शांति और सुरक्षा
पुलिस की इस बड़ी उपलब्धि के पीछे तीन कप्तानों की अलग-अलग मगर मारक रणनीतियां रहीं
एसपी स्वर्ण प्रभात का 'तकनीक और तेवर'
मोतिहारी में एसपी स्वर्ण प्रभात ने आधुनिकता और अनुशासन का बेजोड़ संगम पेश किया। सीसीटीवी और ड्रोन की 'तीसरी आंख' से निगरानी के साथ-साथ, एसपी खुद तपती धूप में सड़कों पर उतरे। उनके खौफ से हुड़दंगी घरों में दुबके रहे और आम जनता निडर होकर उत्सव मनाती रही।
बेतिया एसपी डॉ. शौर्य सुमन की 'सख्त और सौम्य' कार्यशैली
एसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बेतिया में कानून का राज स्थापित करने के साथ-साथ जनता के साथ सीधा संवाद कायम किया। उनकी योजनाबद्ध कार्यप्रणाली और चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर ने बेतिया को किसी भी अप्रिय घटना से सुरक्षित रखा।
बगहा: एसपी रामानंद कौशल का 'निरोधात्मक प्रहार'
एसपी रामानंद कौशल ने DIG के निर्देशों को धरातल पर उतारते हुए त्योहार से पहले ही उपद्रवियों पर कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की। अधिकारियों के बीच उनकी सटीक मॉनिटरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया।
जनता का सलाम: पुलिस के 'मानवीय चेहरे' की सराहना
आज चंपारण के हर चौक-चौराहे पर पुलिसिया नेतृत्व की चर्चा है। लोगों का कहना है कि नेतृत्व अगर DIG हरकिशोर राय जैसा मजबूत हो और कप्तान स्वर्ण प्रभात, डॉ. शौर्य सुमन व रामानंद कौशल जैसे जांबाज, तो सबसे चुनौतीपूर्ण माहौल में भी शांति का परचम लहराया जा सकता है। चंपारण पुलिस ने साबित कर दिया कि वे केवल वर्दीधारी नहीं, बल्कि समाज के सच्चे रक्षक हैं।







