स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
अजगैवीनाथ धाम। श्रावणी मेला गुरुवार से शुरू हो गया है। मेले के शुभारंभ के साथ ही अजगैवीनाथ धाम से बाबाधाम तक कांवड़ियों की आवाजाही तेज हो गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। मेला क्षेत्र के रेड जोन में सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और यहां केवल कांवड़ियों के पैदल आवागमन की अनुमति रहेगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मुंगेर और भागलपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों का रूट न्यू फोरलेन की ओर डायवर्ट किया गया है। वहीं बाजार क्षेत्र और कांवड़िया पैदल मार्ग पर छोटे वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध रहेगा। ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुंगेर की ओर से आने वाले सभी बड़े वाहन बरियारपुर से न्यू फोरलेन के रास्ते अपने गंतव्य तक जाएंगे। छोटी गाड़ियां केवल कृष्णगढ़ चौक तक ही आ सकेंगी, जिसके बाद उन्हें रेलवे ओवरब्रिज, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाइपास थाना रोड, थाना चौक होते हुए तिलकपुर की ओर भेजा जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कृष्णगढ़ चौक से बाजार और कांवड़िया पैदल मार्ग पर किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। भागलपुर की ओर से आने वाले बड़े वाहन भी न्यू फोरलेन मार्ग का ही उपयोग करेंगे। वहीं शहर की ओर से आने वाले छोटे कांवड़िया वाहन प्रखंड कार्यालय से आगे नहीं जा सकेंगे। फोरलेन से पहुंचने वाले बड़े कांवड़िया वाहनों के लिए बाबा चौक के पास फोरलेन के उत्तरी हिस्से में विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है, ताकि यातायात प्रभावित न हो।
ट्रैफिक डीएसपी ने बताया कि रेड जोन में केवल पैदल आवाजाही की अनुमति होगी। कृष्णगढ़ चौक से तिलकपुर तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने बताया कि शव वाहन को फोरलेन से मिर्जापुर मार्ग होते हुए श्मशान घाट जाने की अनुमति होगी, लेकिन उसे मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
व्यावसायिक वाहनों के संचालन को लेकर भी विशेष व्यवस्था लागू की गई है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को इन वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सप्ताह के अन्य चार दिनों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को रात 11 बजे से दो बजे के बीच निर्धारित नियमों के तहत प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। मेले के दौरान पांच यातायात थाने बनाए गए हैं और करीब 145 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़ वाले दिनों में तीन शिफ्ट और सामान्य दिनों में दो शिफ्ट में ड्यूटी कराई जाएगी।
विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने बताया कि इस बार मेले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 15 अस्थायी थानों की स्थापना की गई है। सेक्टरों का दायरा छोटा किया गया है, जिससे निगरानी और त्वरित कार्रवाई में आसानी होगी। प्रत्येक सहायक थाना में थानाध्यक्ष, सहायक थानाध्यक्ष, पुलिस पदाधिकारी और जवानों की तैनाती रहेगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि श्रावणी मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।







