Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

साइकिल से किया प्रचार, जीत पर पहनी चप्पल; ऐसे थे हरसिद्धि के विधायक युगल किशोर प्रसाद सिंह

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी |

Bihar Assembly Election: 1972 में जनता पार्टी ने युगल किशोर प्रसाद सिंह को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा। वे सिर पर पगड़ी बांधे, नंगे पैर बिना चप्पल के चुनावी जंग में कूद पड़े।

आजादी के बाद 1952 में पहली बार चुनाव हुआ। हरसिद्धि विधानसभा से स्थानीय समाजवादी नेता युगल किशोर प्रसाद सिंह ने किस्मत आजमाई। वे सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए। इसके बाद वे लगातार चुनाव में उतरे पर जीत नहीं मिली। 1972 में उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक चुनाव जीतकर विधायक नहीं बनेंगे, तब तक चप्पल नहीं पहनेंगे। उस चुनाव में भी हार मिली, लेकिन अगले पांच साल तक वे नंगे पैर ही जनता के बीच जाते रहे। धूप हो या ठंड, वे लगातार गांव-गांव जनसेवा में जुटे रहे।

1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी ने उन्हें टिकट दिया। इस बार भी वे पगड़ी बांधे और नंगे पैर मैदान में उतरे। उनकी लोकप्रियता ने उन्हें हरसिद्धि से जीत दिलाई। जीत के बाद समर्थकों ने उन्हें उनका संकल्प याद दिलाया। चुनाव जीतने के बाद वहीं पर लोगों ने चंदा इकट्ठा किया। किसी ने दस पैसा तो किसी ने 25 पैसा दिया। उसी पैसे से विधायक बने युगल किशोर प्रसाद सिंह के लिए चप्पल, धोती, कुर्ता, पगड़ी और छाता खरीदा गया। समर्थकों ने उन्हें भेंट किया, फिर जीप पर बैठाकर विजय जुलूस निकाला।

पैदल और साइकिल से किया प्रचार

हरपुर राय ग्राम निवासी युगल किशोर प्रसाद सिंह प्रचार के लिए कभी पैदल तो कभी साइकिल से निकलते थे। वे एक दिन में दो-तीन गांव ही पहुंच पाते थे। जहां शाम होती, उसी गांव में रुक जाते और समर्थक भोजन का प्रबंध करते। अगली सुबह वहां से अगले गांव निकल पड़ते।

दृढ़ निश्चय वाले थे युगल किशोर

युगल किशोर के पुत्र जयप्रकाश प्रसाद सिंह बताते हैं, “पिताजी जो ठान लेते थे, उसे पूरा किए बिना नहीं रुकते थे। पिताजी ने हरसिद्धि विधानसभा से चुनाव जीतने को अपना मिशन बनाया था। उन्होंने 1977 में चुनाव जीतकर अपना संकल्प पूरा किया। इसके बाद वर्षों तक चर्चा होती रही कि जब तक चुनाव नहीं जीतेंगे, तब तक चप्पल नहीं पहनेंगे।”