नेशनल डेस्क, एन के सिंह।
दक्षिण एशिया में शांति और सहयोग के लिए पत्रकारों का एकजुट आह्वान, नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए नेपाल, भारत और श्रीलंका के पत्रकारों को 'युगल किशोर शुक्ला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार' सहित अन्य सम्मानों से नवाजा गया।
नई दिल्ली/मोतिहारी: दक्षिण एशियाई क्षेत्र में शांति स्थापना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देश की राजधानी में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। भारतीय विद्यापीठ और सार्क जर्नलिस्ट फोरम (SAJF) इंडिया चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य विषय “दक्षिण एशिया में शांति स्थापना और सहयोग में पत्रकारिता की भूमिका” रहा। इस कार्यक्रम में नेपाल, भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान और भूटान सहित सार्क देशों के वरिष्ठ पत्रकारों और विशेषज्ञों ने शिरकत की और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मीडिया के उत्तरदायित्वों पर गहन मंथन किया।
भारतीय विद्यापीठ के निदेशक प्रोफेसर एम. एन. होदा की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में सार्क जर्नलिस्ट फोरम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष राजु लामा, महासचिव मो. अब्दुर रहमान और इंडिया चैप्टर के अध्यक्ष अनिरुद्ध सुधांशु सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में सीमा पार के सहयोग को रेखांकित करते हुए भूटान के रिन्जिन वांगचुक और पाकिस्तान चैप्टर के महासचिव हुश्नयन चौधरी ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी भागीदारी दर्ज कराई। उन्होंने जोर देकर कहा कि दक्षिण एशिया की वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों में पत्रकारिता ही वह सेतु है जो देशों के बीच आपसी विश्वास और सद्भाव का निर्माण कर सकती है।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने इस बात को स्वीकार किया कि सार्क क्षेत्र वर्तमान में कई जटिल राजनीतिक और कूटनीतिक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना था कि यदि पत्रकारिता निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार हो, तो यह न केवल संघर्षों को कम करने में मदद कर सकती है बल्कि एक सकारात्मक जनमत का निर्माण कर क्षेत्रीय सहयोग के नए रास्ते भी खोल सकती है। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु यह रहा कि मीडिया को केवल समस्याओं को उजागर करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाधान-परक पत्रकारिता (Solutions Journalism) के जरिए शांति का अग्रदूत बनना चाहिए।
इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित भी किया गया। सार्क जर्नलिस्ट फोरम इंडिया चैप्टर द्वारा स्थापित तीसरे युगल किशोर शुक्ला अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार से नेपाल के नृपेन्द्र लाल श्रेष्ठ, भारत के शशिभूषण कुमार और श्रीलंका के जानका को नवाजा गया। इसके साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रियता और उल्लेखनीय योगदान के लिए राजु लामा, अब्दुर रहमान, राहुल सामंथा, नूर नबी, मो. योसूफुद्दीन, रुद्र सुवेदी, सद्दाब मल्लिक, अभिलाष गुप्ता, दीपेन्द्र प्रजापति, शैलेश साह कानू और अजमत अली सहित अन्य पत्रकारों को भी अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किए गए।
सम्मेलन के समापन पर सभी सहभागी देशों के प्रतिनिधियों ने एक सुर में यह विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय संवाद भविष्य में दक्षिण एशियाई देशों के बीच की दूरियों को कम करेंगे। पत्रकारों ने संकल्प लिया कि वे अपने लेखन और रिपोर्टिंग के माध्यम से क्षेत्रीय अखंडता, शांति और सांस्कृतिक जुड़ाव को और अधिक सुदृढ़ बनाने का प्रयास जारी रखेंगे। यह आयोजन न केवल एक औपचारिक बैठक रही, बल्कि इसने दक्षिण एशिया में मीडिया के माध्यम से एक नए सकारात्मक युग की शुरुआत का संकेत भी दिया।







