लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
सुगौली: फुलवरिया टोल प्लाजा पर रंगदारी के काले साम्राज्य का अंत; दो पर प्राथमिकी दर्ज, मलिक जांच के घेरे में।ओवरलोडिंग का झूठा आरोप लगाकर कर्मियों ने ट्रक के जरूरी बिल और कागजात जबरन छीन लिए, ताकि ड्राइवर को मोटी रकम देने पर मजबूर किया जा सके।
बिहार में कानून का इकबाल बुलंद करते हुए सुगौली पुलिस ने भ्रष्टाचार और 'गुंडागर्दी' के खिलाफ एक ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक की है, जिससे टोल माफियाओं की नींव हिल गई है। पूर्वी चंपारण के फुलवरिया टोल प्लाजा पर लंबे समय से चल रहे अवैध वसूली और ट्रक ड्राइवरों के शोषण के खेल को पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर बेनकाब कर दिया गया है। पुलिस ने न केवल पीड़ित को न्याय दिलाया, बल्कि दो टोल कर्मियों को सलाखों के पीछे भेजकर यह साफ संदेश दिया है कि 'वर्दी' की नजर से कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा।
साजिश का पर्दाफाश, कागजात छीनकर की जा रही थी 'सौदाबाजी'
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब राजस्थान के बीकानेर से रक्सौल की ओर जा रहा एक ट्रक (RJ21GF3157) फुलवरिया टोल पर पहुंचा। नियमों को ताक पर रखकर टोल कर्मियों ने ट्रक को रोक लिया। गाड़ी में माल क्षमता से कम होने के बावजूद, कर्मियों ने 'ओवरलोडिंग' का झूठा डर दिखाकर ट्रक मालिक और ड्राइवर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब चालक ने विरोध किया, तो कर्मियों ने दबंगई दिखाते हुए ट्रक के जरूरी कागजात और माल के बिल जबरन छीन लिए। यह एक सोची-समझजी साजिश थी कागजात अपने कब्जे में लेकर ड्राइवर को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और मोटी रकम की डिमांड करना।
एक्शन में पुलिस, आधी रात को चला 'ऑपरेशन क्लीन'
जैसे ही इस वसूली की खबर सुगौली पुलिस तक पहुंची, थानाध्यक्ष अनिश कुमार सिंह और प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका ने मोर्चा संभाल लिया। जांच के दौरान यह पाया गया कि कानूनन 5% अतिरिक्त लोड की छूट होने के बावजूद, टोल कर्मियों ने जानबूझकर वाहन को बंधक बना रखा था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने रंगदारी मांगने वाले घनश्याम कुमार और प्रताप पासवान को रंगे हाथों धर दबोचा। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (308-3 और 318-4) के तहत कांड संख्या 51/26 दर्ज किया है।
अब 'आकाओं' की बारी, रडार पर टोल मालिक
सुगौली पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ मोहरों तक सीमित नहीं रहने वाली है। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या यह अवैध वसूली का रैकेट टोल प्लाजा के मालिक की शह पर चल रहा था? थानाध्यक्ष ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी व्यवसायी या वाहन चालक को तंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर इस खेल में प्रबंधन की संलिप्तता पाई गई, तो गाज ऊपर तक गिरेगी।
बिहार की धरती पर कानून का राज चलेगा, गुंडागर्दी का नहीं। फुलवरिया टोल की यह कार्रवाई तो बस शुरुआत है, हर उस जगह पर कार्रवाई होगी जहां आम जनता और व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है — सुगौली पुलिस
सावधान रहें!
अगर किसी भी टोल प्लाजा या नाके पर आपके साथ बदसलूकी होती है या अवैध पैसों की मांग की जाती है, तो डरें नहीं। तुरंत स्थानीय पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। आपकी एक शिकायत भ्रष्टाचार के इस बड़े तंत्र को ध्वस्त कर सकती है।







