नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार
नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि उसे तय करना होगा कि वह विश्व मानचित्र पर अपनी पहचान बनाए रखना चाहता है या आतंकवादियों को पनाह देकर और भारत के खिलाफ गतिविधियां जारी रखकर खुद को इतिहास तक सीमित करना चाहता है।
शनिवार को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन सिंदूर जैसी परिस्थितियों पर पूछे गए सवाल के जवाब में जनरल द्विवेदी ने कहा, “यदि पाकिस्तान आतंकवादियों को शरण देता रहा और भारत विरोधी गतिविधियां जारी रखता रहा, तो उसे तय करना होगा कि वह भौगोलिक मानचित्र का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का।”
सेना प्रमुख की इस टिप्पणी को सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की सख्त नीति और भविष्य में किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई के खिलाफ संभावित कड़े जवाब के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जनरल द्विवेदी ने पिछले वर्ष नवंबर में आयोजित ‘चाणक्य डिफेंस डायलॉग’ में भी कहा था कि “ऑपरेशन सिंदूर केवल एक ट्रेलर था, जो 88 घंटे में समाप्त हुआ। हम भविष्य की किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार हैं। यदि पाकिस्तान अवसर देगा, तो उसे पड़ोसी देश के साथ जिम्मेदारी से व्यवहार करना सिखाया जाएगा।”
वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य संचालन महानिदेशक रहे लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने इसकी पहली वर्षगांठ पर कहा था कि भारत की सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान को नियंत्रण रेखा पर भारी नुकसान हुआ था, जिसके बाद उसे संघर्षविराम की अपील करनी पड़ी थी।







